वेतरणी!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेतरणी –Vetarani. Name of a river of hell. नरक लोक की नदी ” जो खून , पीप से भरी हुई है और उसमे प्रवेश करने वाले को दाह उत्पन्न कराती है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेतरणी –Vetarani. Name of a river of hell. नरक लोक की नदी ” जो खून , पीप से भरी हुई है और उसमे प्रवेश करने वाले को दाह उत्पन्न कराती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शर्कराप्रभा – Sharkaraaprabhaa. The 2nd land od hell. नरक की दूसरी पृथिवी, अपरनाम वंशा है ” इसकी प्रभा शर्करा के सामान है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्व्याघात – Nirvyaaghaata. Lack of forceful impact or splitting. स्तिथिकाण्डकघात का अभाव निर्व्याघात कहलाता है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतरागचारित्र –Vitaragacharitra. Deep engrossment in meditation by great Jainasainits. रागादि विकल्पों से रहित होकर आत्मा में रमणता या लीनता ” शुक्ल्ध्यान, शुध्दोपयोग, उपेक्षा संयम, निश्चय चारित्र, वीतरागचारित्र ये एकार्थवाची हैं ” ये सम्यग्दृष्टि जीवों के होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लोकोत्तर चेतना –Lokottara Chetana : Right consciousness (of one). ज्ञान या परमार्थ चेतना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निर्वेदिनी कथा – Nirvedini Kathaa. See – Nirvegini Kathaa. देखें – निर्वेगिनी कथा “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेगवती –Vegavati Name of a river of Bharat Kshetra (region) भरतक्षेत्र की एक नदी “
आविर्भाव Manifestation, Emergence, Appearance. अभिव्यक्ति प्रकट होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बोधिदुर्लभ – Bodhidurlabha. One of the twelve particular reflections, involve- ment in the means of internal enlightenment. १२ भावनाओं में एक; जिस उपाय से सम्यग्ज्ञान की उत्पत्ति हो , उस उपाय का चिंतवन करने को बोधि दुलर्भ भावना कहते हैं “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर्य प्रवाद –ViryaPravada A part of Shrutgyan (scriptural knowledge) containing the description of the power of soul. दृष्टिवाद – १२वे अंग का तीसरा पूर्व, जिसमे आत्मा – अनात्मा की शक्ति का कथन हैं ” इसके ७० लाख माध्यम पद हैं “