धर्मरत्नाकर!
धर्मरत्नाकर A book written by Acharya Jaisen. आचार्य जयसेन (ई. 998) कृत सप्ततत्वद निरूपक एक संस्कृत श्लोकबद्ध श्रावकाचार। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मरत्नाकर A book written by Acharya Jaisen. आचार्य जयसेन (ई. 998) कृत सप्ततत्वद निरूपक एक संस्कृत श्लोकबद्ध श्रावकाचार। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पानी छानना- Pani Chanana. Filtration of water with cloth. जलगालन . जैन विधि के अनुसार, जब कपड़े का मोटा छत्रा दोहरा करके उससे पानी छाना जाता है, तब वह जीवरहित शुद्ध जल होता है तथा छत्रे की जीवनी करने की भी विशेष विधि होती है”
धर्मपरीक्षा A book written by Acharya Amitgati. आचार्य अमितगति द्वारा वि. 1070 में रचित एक ग्रंथ या कथानक। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य उपधि – Bahya Upadhi. Alien – belonging (material articles). बाह्य परिग्रह,आत्मा से एकत्व को नहीं प्राप्त हुए ऐसे क्षेत्र, वास्तु, धन आदि बाह्य उपधि हैं “
धर्म(स्वभाव) The real nature of an element. वस्तु का स्वभाव ही धर्म है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्रदत्ति:To offer food to Jaina with reverential and prescribed procedure.महातपस्वी मुनियो, आर्यिकाओ आदि सुपात्रो के लिए सत्कार पूर्वक पड़गाहन कर जो आहार आदि दिया जाता है उसे पात्रदति कहते है। इससे स्वर्ग एवं भोगभूमि आदि के सुख मिलते है।
धनवन्तरि The semi god of health. स्वास्थ्य के देवता, मेरूदत्त सेठ के आयुर्वेदिक परामर्शदाता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आदिपुरुष The first supreme soul of this age, Lord Adinath. अवसर्पिणी काल की कर्मभूमि के आदि नेता आदिनाथ भगवान प्रथम तीर्थंकर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धनद कलश व्रत A vow of worshipping Lord Arihant with all 8 auspicious Dravyas (articles). व्रत भाद्रपद कृ. 1 से 15 तक पूरे महीने प्रतिदिन चन्दनादि मंगलद्रव्ययुक्त कलशों से जिनभगवान् का अभिषेक व पूजन करना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ईश्वर God, Lord. अनंतज्ञानादि परम ऐश्वर्य को प्राप्त करने वाले अर्हन्त और सिद्ध परमात्मा।[[श्रेणी:शब्दकोष]]