प्रत्यावली!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यावली- आवली के ऊपर की जो दूसरी आवली है वह प्रत्यावली है। pratyavali – a time unit (reg. avali.)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्यावली- आवली के ऊपर की जो दूसरी आवली है वह प्रत्यावली है। pratyavali – a time unit (reg. avali.)
द्रव्य कर्म Gyanavaran etc. 8 Karmas are called Dravya Karma. ज्ञानावरण आदि आठों कर्मों को द्रव्य कर्म कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहवृत्ति – Sahavritti. Tendency of co-asociation or co-association or co-inclination. समवृत्ति अर्थात् गुण और गुणी का साथ-साथ रहना अर्थात् उनका कथंचित् एकत्व -तादात्म्य सम्बंध ।
द्रविड़ाचार्य Name of an Acharya promotor of Vedant literature. वेदांत साहित्य के प्रवर्तक एक आचार्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दोष- दषर्शन Viewing defects of one. अवगुणों और गलतियों को देखना।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रात्यकारी इन्द्रियाँ- जो इन्द्रियां पदार्थ को स्पृश्ट और बद्ध होकर जानती है वह प्राप्यकारी कहलाती है। जैसे-स्पर्षन, रसना, ध्राण एवं श्रोत्र इन्द्रियाँ। मात्र चक्षु इन्द्रिय आप्राप्यकारी होती है। PrapyakariIndriyan- Senses causing cognizance with actual experience concerning the particular subject
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाहुबली (कवि) – Bahubali (Kavi). A Kannad poet, the writer of ‘NagkumarCharitra’. नागकुमार चरित्र के रचियता एक कन्नड़ कवि (ई. सून १५००) “
ऊमर One of the figs – a fruit, not edible according to Jain philosophy . उदम्बर फलों में एक फल का नाम इनमें त्रस जीवों की योनिस्थान होने से अभक्ष्य हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणापान पर्याप्ति- छह पर्याप्तियों में एक पर्याप्ति इसे श्वासोच्छ्वास भी कहते है। PranapanaParyapti- Breathing vitality