संक्रमण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्रमण – Sankramana. Transition of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का बदलकर अन्य प्रकृति रूप हो जाना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्रमण – Sankramana. Transition of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का बदलकर अन्य प्रकृति रूप हो जाना “
तरुण सागर (मुनि) Trees. आचार्य श्री पुष्पदंतसागर महाराज के एक प्रभावक शिष्य, 20वीं शताब्दी में सबसे छोटी उम्र में दीक्षा धरण कर अपनी ओजस्वी प्रवचनशैली से आप क्रांतिकारी संत के रुप में प्रसिद्ध हुए है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकोच – Sankoca. Narrowness, Contraction. सिकुड़ना, संक्षेपण, सहमना “
तपोरूपा A type of divine power or knowledge. एक विद्या यह रावण को सिद्ध थी। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकर – Sankara. Hybrid, Cross-breed, Something mixed. सम्मिश्रण, मिलावट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रीति क्रिया- गर्भान्वय की 53 क्रियाओं में एक क्रिया; इसमें गर्भाधान के तीसरे मास में जिनेद्र देव की पूजा की जाती है। Priti Kriya- An auspicious act of religious observances ( to be done in 3rd month of pregnancy)
तद्भवस्थ केवली An omniscient (of the same birth in which he got omniscience). जिस पर्याय में केवलज्ञान प्राप्त हुआ उसी पर्याय में स्थित केवली । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्विशंति – Sadvishanti. Twenty six (26 delusive Karmic nature of false believers etc.). 26, नियम से मिथ्यादृष्टि जीव मोह की 26 प्रकृतियों का स्वामी होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियंगु- सुदिनाथ एवं पग्प्रभ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम। Priyamgu-Name of the initiation tree of lord sumantinath & lord padamaprabha.
तप-उद्योतन To make self enlightened and pure by penance. तप आराधना संयम भावना में तत्पर रहकर तपश्चरण निर्मल बनाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]