प्रचण्ड!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रचण्ड – Prachanda. Great force, Impetous, Violence, Vehemence. तीक्ष्ण, उग्र, उत्कट, भीषण “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रचण्ड – Prachanda. Great force, Impetous, Violence, Vehemence. तीक्ष्ण, उग्र, उत्कट, भीषण “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरगिरि – Suragiri. Another name of Sumeru mountain. सुमेरू पर्वत का अपरनाम ।
त्रिभंगी Three types of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों के तीन भेद – बंध , उदय, सत्ता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिगर्त Sovereign of three Khands (divisions) of Bharat Kshetra etc. भरत क्षेत्र मध्य आर्य खण्ड का देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुकुंद– Mukund. Name of a mountain of Bharat Kshetra Arya Khand (region). भरत क्षेत्र के आर्य खण्ड का एक पर्वत”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुमतिकीर्ति – Sumatikeerti. Name of a Bhattarak of Nandi group. नंदिसंघ बलात्कार गण ईडर गद्दी के एक भट्टारक । कृतियां पंचसंग्रह की संस्कृत वृत्ति , ज्ञानभूषण के साथ मिलकर ’क्रम प्रकृृति’ की टीका लिखी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारामार्थिक प्रत्यक्ष – Paramarthika Pratyaksha. Direct & supreme perception, transcendental knowledge. जो ज्ञान बिना किसी की सहायता से पदार्थ को स्पष्ट जानता है. सकल ज्ञान अर्थात् केवलज्ञान एवं विकलज्ञान अर्थात् अवधिज्ञान व मनःपर्यय ज्ञान पारमार्थिक प्रत्यक्ष हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाभिकीर्ति – Nabhikirti Name of a Bhattarak of Nandi group नंदी संघ के एक भट्टारक का नाम ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == निक्षेप : == युक्ति—सुयुक्तमार्गे, यत् चतुर्भेदेन भवति खलु स्थापनम्। कार्ये सति नामादिषु, स निक्षेपो भवेत् समये।। —समणसुत्त : ७३७ युक्तिपूर्वक उपयुक्त मार्ग में प्रयोजनवश नाम, स्थापना, द्रव्य और भाव में पदार्थ की स्थापना को आगम में निक्षेप कहा गया है। द्रव्यं खलु भवति द्विविधं, आगमनोआगमाभ्याम् यथा भणितम्। अर्हत्—शास्त्रज्ञायक:…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुकक्ष – Sukaksha. Name of the 31st city in the sourth of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का 31 वां नगर ।