स्वार्थाधिगम!
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थाधिगम – Svaarthaadhigama. Self knowledgeable approach. अधिगम के दो भेदो मे एक भेद, यह ज्ञान स्वरुप है जो प्रमाण और नय भेदो वाला है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वार्थाधिगम – Svaarthaadhigama. Self knowledgeable approach. अधिगम के दो भेदो मे एक भेद, यह ज्ञान स्वरुप है जो प्रमाण और नय भेदो वाला है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वाद्य – Svadya. Worth tasting, appetizing. आहार के 4 भेदो मे एक भेद। मुख का स्वाद बदलने के लिए खाने वाले लौग, इलायची आदि पदार्थ स्वाद्य कहलाते है।
उत्तरमीमांसा A type of Hindu philosophical system. मीमांसा दर्शन एक भेद इसे ब्रह्म मीमांसा या वेदांत भी कहते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सांसारिक दुःख – Saansaarika Duhkha. Worldly affictions or troubles. लौकिक विषयों से उत्पन्न दुःख अर्थात् भोगसाधनात्मक भोगो का वियोग होने से जो दुःख उत्पन्न होता है। संसारी जीवों का इन्द्रिय सुख वासना जनित होने के कारण होने के कारण दुःखमय ही है क्योंकि आपत्त्किाल मे भोग व रोग चित्त मे उद्वेग करने वाले है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहायक कारण – Sahaayaka Kaarana. A helping cause. एक कारण । जो स्वयं कार्यरूप परिणाम वह उपादान कारण है तथा उसमें सहयक होने वाले पर द्रव्य व गुण निमित्त सहायक कारण है। इसे बलाधान या उदासीन निमित्त भी कहते है।
उत्तमार्थ A type of repentance, recounting the unexpiated sins (reg. whole life) and repenting for them. प्रतिक्रमण का एक भेद जन्म से मरणपर्यंत लगे हुए दोषों की शुद्धि करना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पौराणिक राजवंश – Pauranika Rajavansha. Ancient dynasties like lkshvaku, Ugra, Kuru etc. इक्ष्वाकु वंश, उग्र्वंश, सुर्यवंश, कुंरुवंश, नाथवंश इत्यादि समस्त पौराणिक वंश कहलाते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रध्वंसाभाव- 4 अभावों के भेदों में एक भेद; आगामी पर्याय में वर्तमान पर्याय का अभाव प्रध्वंसाभव है। जैसे-दही का घी में आभाव। pradhvamsabhava – a type of lacking, absence of present into future.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदेशघात- कर्मो का अपकर्शण या नश्ट होना। pradesaghata – destruction or karmas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्ररुपणा- निरुपण; सत् संख्या, बंध, उदय आदि की अपेक्षा जीवों का विषेश कथन। Prarupana- Representation, Enunciation (related to living beings)