पंचमुष्ठी!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमुष्ठी – Panchamushthee. Fist. पांच उंगलियों से बनाई गई मुठ्ठी ” इस शब्द का उपयोग तीर्थंकरोंके केशलोंच संबधी विषय में किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमुष्ठी – Panchamushthee. Fist. पांच उंगलियों से बनाई गई मुठ्ठी ” इस शब्द का उपयोग तीर्थंकरोंके केशलोंच संबधी विषय में किया जाता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नत्रयव्रत – वर्श में 3 बार, भादो, माध चैत्र में विघिपूर्वक षु, 13 से पूर्णिमा तक किया जाने वाला व्रत। Ratnatrayavrata- A particular type of vow or fasting
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == जिनशासन : == मग्गो मग्गफलं ति य, दुविहं जिनसासणे समक्खादं। —मूलाचार : २०२ जिनशासन (आगम) में सिर्फ दो ही बातें बताई गई हैं—मार्ग और मार्ग का फल। जमल्लीणा जीवा, तरंति संसारसायरमणंतं। तं सव्वजीवसरणं, णंद्दु जिणसासणं सुइरं।। —समणसुत्त : २-१७ अनंत संसार—सागर को पार करने के लिए जीव जिसमें…
उपेक्षा संयम Restraint without attachment .वीतरागमय संयम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
ईश्वरसेन Name of an Acharya. नंदिषेण प्रथम के शिष्य एंव नंदिषेण द्वितीय के गुरु।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तुग्राही नय – Vastugraahii Naya. A standpoint-accepting of partial knowledge of something. नय ;अनेकांतात्मक वस्तु के अंश को ग्रहण करना “
उरग A type of five sensed animal, Snake. पंचेन्द्रिय तिर्यंच का एक प्रकार सर्प।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] युतसिद्ध – दण्ड और दण्डी की भाति जिसमे प्रदेष भिन्नता पायी जाती है। Yutasiddha-combined but having different entities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसतिका – Vasatika.: Hermitage, staying place of saints. साधुओं के ठहरने का स्थान ” ध्यान – अध्ययन के योग्य निर्दोष शून्य स्थान ही उसके लिये उपयुक्त है “