स्वनिंदा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वनिंदा – Svanimmdaa. Self-criticism.आत्म निंदा। उच्च गोत्र के आस्रव का एक कारण।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वनिंदा – Svanimmdaa. Self-criticism.आत्म निंदा। उच्च गोत्र के आस्रव का एक कारण।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मोद क्रिया–Mod Kriya. An auspicious activity related to the birth of child. गर्भधान के नवमें महीने में गर्भ की पुष्टि के लिए पुनः पूर्वोक्त विधान करके, स्त्री को गात्रिका–बन्ध, मन्त्रपूर्वक बीजाक्षर लेखन व मंगलाभूषण पहनाना”
जयचंद छाबड़ा A great personality who wrote commentaries on many books like ‘Prameyratnamala’ etc. एक विद वान जिन्होंने सर्वार्थसिद्धि (वि. १८६१) , प्रमेयरत्नमाला (वि. १८६३) , द्रव्य संग्रह (वि. १८६३) आदि ग्रंथों पर वचनिकाएं लिखीं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वच्छंद श्रोता – Svacchammda Ssrotaa. Unworthy or restraintless listeners.कुपात्र श्रोता। स्वच्छंद श्रोताओ को विधा देना संसार और भय को ही बढ़ाने वाला है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मावती :Name of the governing female demigod of Lord Parshvanath, She is worshipped by most of the devotees for fulfilling their wishes. भगवान पाश्र्रनाथ की शासन यक्षिणी दिगम्बर जैन समाज में प्राचीन काल से सांसारिक अभ्युदयों की प्राप्ति हेतु इनकी पूजा-अर्चना की परम्परा प्रचलित हैं, इसीलिए प्रायः सभी जिनमंदिरों में इनकी मूर्तियाॅं विराजमान की…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेढ़ासम श्रोता–Medhasam Shrota. See – Meshasam Shrota. देखे– मेषसम श्रोता”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेहेसरचरीउ–Mehesrachriu. Name of a book. सुलोचनाचारित्र विषयक अपभ्रंश भाषा का एक ग्रंथ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वादसिद्वि – Syaadvaadasiddhi. Name of a treatise written by Acharya Vadibhisingh. आचार्य वादीभसिह (ई0 1103) द्वारा रचित संस्कृत भाषाबद्व न्याय विषयक ग्रन्थ।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्मा:Name of different female divinities, A garden in the forest of Sumeru mountain, Name of a large well in Samavashran, a country in Videh Kshetra (region). रूचक पर्वत निवारसिनी दिक्कुमारी देवी, चमर इन्द्र की अग्रदेवी का नाम , वैमानिक इंद्रों की ज्येष्ठा देवी, वैमानिक एवं व्यंतर इंद्रों की वल्लभिका, सुमेरू के वनों की…