भूत शरीर!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूत शरीर – Bhuta Sharir. See- Bhuta gyanaka Sharir. देखें – भूत ज्ञायक शरीर “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूत शरीर – Bhuta Sharir. See- Bhuta gyanaka Sharir. देखें – भूत ज्ञायक शरीर “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] व्यग्रता विनिव्रती –Vyagrata Vinivrtti. To engross into deep meditation(to five up the agitated state of the mind). ध्यान; चित्त की व्याकुलता का त्याग करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]]स्वभाव गुण व्यंजन पर्याय – Svabhaava Guna Vyammjana Paryaaya. Natural momentary states of omniscients & different states of matters etc. केवलज्ञानादि अनंत चतुष्टय स्वरुप जीव की स्वभाव गुण व्यंजन पर्याय है तथा परमाणु मे रहने वाले एक वर्ण, गंध, रस तथा अविरुद्व दो स्पर्ष पुद्गल द्रव्य की स्वभाव गुण व्यंजन पर्याय है।
एक – अंशग्राही ज्ञान Partial perceptual knowledge. प्रमाण के द्वारा ग्रहण की गई वस्तु के वस्तु के एक अंश में वस्तु का निश्चय करने वाला ज्ञान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भास्कर (कवि) – Bhaskara (kavi). Name of a poet who wrote Jivandhar Charitra. जीवन्धर चरित्र के रचयिता एक कन्नड़ कवि “
आनपान पयाप्ति Respiratory completion. नोकर्म वर्गणाओं के कुछ स्कंधों को श्वासोच्छ्वास रूप परिणामने की जीव की शक्ति की पूर्णता।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्व प्रकाषक – Sva prakaasaka. Self revealing knowledge.ज्ञान। निष्चय नय से ज्ञान स्वप्रकाषक है।
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर अहिंसा:To Protect others i.e. to follow non-violence. दूसरो की रक्षा आदि करना ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मीमांसा दर्शन–Meemansa Darshan. Philosophical system of Investigation. षट्दर्शन में एक दर्शन”
जिनालय वंदना Paying reverence to natural and man made temples (place of pilgrimages). अकृत्रिम-कृत्रिम चैत्यालयों की वंदना करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]