दिव्यतिलक!
दिव्यतिलक A city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्थ की उत्तर श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दिव्यतिलक A city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्थ की उत्तर श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वाणी : == पुव्विं बुद्धीए पासेत्ता, तत्तो वक्कमुदाहरे। अचक्खुओ व नेयारं, बुद्धिमन्नेसाए गिरा।। —व्यवहारभाष्य पीठिका : ७६ पहले बुद्धि से परखकर फिर बोलना चाहिए। अंधा व्यक्ति जिस प्रकार पथ—प्रदर्शक की अपेक्षा रखता है, उसी प्रकार वाणी बुद्धि की अपेक्षा रखती है।
दामोदर (कवि) Name of a poet of the year 1230. ई.सन् 1230 के एक कवि जिन्होंने णमिणाह चरिउ की रचना की । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैक्रियिक काययोग –VaikriyikaKayayaga Vibration in the soul points of transformable body of deities & hellish beings. वैक्रियिक शरीर में या उसके द्वारा जो आत्मा के प्रेदशो में परिस्पंदन होता हैं उसको वैक्रियिक काययोग कहते हैं “
दशा Condition, circumstances. स्थिति परिस्थिति – जीवन आदि की अवस्था बाल्य, यौवन आदि ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाह – Vaaha.: An exclaimative word, A kind of former weighting unit. आश्चर्यरूप अभिव्यक्ति का एक शब्द जैसे –‘अरे वाह’ ” तौल का एक प्रमाण ;20 खारी = 1 वाह “
दर्शनावरण Perception covering Karma, Faith deluding Karma. 8 कर्मों में एक कर्म जिस कर्म के उदय से जीव के दर्शन गुण पर आवरण होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वायुकुमार देव – Vaayukumaara Deva.: A type of residential deities. भवनवासी देवों का 10 वां भेद “इनके मुकुटों में घोड़े का आकार है एवं इनके 96 लाख भवन हैं “