पिता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिता – Pita. Father, Name of a presiding deity of a lunar ‘Magha’. जनक, मघा नामक नक्षत्र के अधिपति देवता का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिता – Pita. Father, Name of a presiding deity of a lunar ‘Magha’. जनक, मघा नामक नक्षत्र के अधिपति देवता का नाम “
उद्योत नामकर्म प्रकृति A karmic nature causing effulgence (lustrous) body. जिसके निमित्त से शरीर में उद्योत होता है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म आलोचना – Sukshma Aalochanaa. An infraction of self criticism, hiding big faults (but exposing little faults). आलोचना का एक अतिचार । छोटे-छोटे दोष कहकर भय, मद कपट आदि के कारण बडे दोष छिपाना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिंगल (शास्त्र) – Pimgala (Sastra). A treatise (prosody or metrics). एक छन्द शास्त्र “
थानक पंथी / थानकवासी A shvetambar Jain sect. श्वेताम्बर जैन पंथ, ये प्रतिमा को नहीं पूजते हैं, साधु वस्त्र एंव मुह पर पट्टी रखते हैं । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दयार्द्र Compassionate; tender hearted. दूसरे की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पावागढ़ (तीर्थ) – Pavagarha (Tirtha). Name of a Digambar Jain place of pilgrimage in Gujarat, from where sons of Lord Ram ‘Lav & Kush’ got salvation. गुजरात में स्थित एक सिध्दक्षेत्र. यहाँ से भगवान रामचन्द्र के दो पुत्रों-अनंगलवण (लव) और मदनांकुश (कुश) ने घोर तप कर मोक्ष प्राप्त किया “
त्रैकाल्ययोगी The disciple of Golacharyaji. एक आचार्य (ई.920-930) जो गोलाचार्य (ई. 900-920) के शिष्य तथा अभयनंदि (ई.930-950) के गुरू थे। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वर्गणा – Varganaa.: An aggregate of same molecules of some matter. वर्गों के समूह को वर्गाणा कहते हैं अथवा समान गुण वाके परमाणु पिंड को वर्गाणा कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ स्त्रोत – Parsvanatha Stotra. A philosophical hymn written by the poet Padmaprabh. कवि पद्मप्रभ (ई. श. १२ का मध्यपाद) द्वारा रचित एक स्तोत्र “