चय प्रमाण!
चय प्रमाण A mathematical result. सर्वधन में पद के वर्ग का भाग देने पर जो लब्ध आये उसमें संख्यात का भाग पर चय का प्रमाण निकलता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चय प्रमाण A mathematical result. सर्वधन में पद के वर्ग का भाग देने पर जो लब्ध आये उसमें संख्यात का भाग पर चय का प्रमाण निकलता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाचार काल – Samaachaara Kaala. Reverence paying period (of Jaina Saints). वंदना काल, नियमकाल, स्वाघ्यायकाल व घ्यान काल आदि जैन साधुओ के समाचार काल है।
धर्मसागर स्वामी (सिंहसंघ) A writer who wrote ‘Jeev Vichar’, Saptatatvi etc. books. जीव विचार, सप्ततत्वी, नयचक्र, नवपदार्थी, द्रव्यचक्र आदि के कर्ता।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चिंतागति Son of the king Suryaprabh of Suryaprabh city in the north of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की उत्तर श्रेणी में सूर्यप्रभ नगर के राजा सूर्यप्रभ का पुत्र ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
धर्ममित्रार्य A king who got salvation with Bharat Chakravarti. भरत चक्रवर्ती के साथ दीक्षित तथा निर्वांण प्राप्त एक नपृ। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ विचार – Shubha Vichaara. Auspicious & healthy thoughts or thinking. संयम आदि के उत्तम विचार रखना एवं आर्त-रौद्र ध्यान का त्याग करना “
धर्मद्रव्य Medium of motion of Jiva & Pudgal, one of the six entities (matters). 6 द्रव्यों में एक द्रव्य; जो जीव व पुद्गल के गमन में सहायक, अचेतन एंव अरूपी है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ तैजस समुद्र्घात – Shubha Taijasa Samudghaata. Emanation of auspicious radiant effigy like body (spiritual form) from a super saint causing prosperity all around. ऋद्धिधारी मुनि को दया अनुकंपा आने पर दाहिने कंधे से हंस और शंख वर्ण वाला शरीर निकलकर जो दुर्भिक्ष आदि सर्व बाधा को नष्ट कर सुख उत्पन्न करता है “
धराधर A city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्रशाल वन – Bhadrasala Vana. The first forest of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत के ४ वनों में प्रथम वन ” जिसकी चारों दिशाओं में चार अकृत्रिम जिनमंदिर हैं “