प्रघोत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रघोत- प्रकाश । pradyota – light, illumination.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागार्जुन – Nagarjuna A great personality of Bauddha, Name of a writer of Ayurved. एक बौध विद्वान (आचार्य पूज्यपाद स्वामी से प्राप्त पघावती मंत्र को सिद्ध करके इन्होने स्वर्ण बनाने की विघा प्राप्त की)” कर्नाटक जैन कवी-वैघक शाश्त्र में पारंगत एवं नागार्जुन कल्प आदि वैघक गंथ्रो के कर्ता ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनुष्यणी- Manushyanii. Woman , female sex. मनुष्यिनी या स्त्री “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवचनसार- आचार्य कुन्दकुन्द (ई. 127-179) कृत ज्ञान, ज्ञेत व चारित्र विशयक एक प्राकृत ग्रंथ। Pravacanasara- A prakrit treatise written by Acharya Kundkund
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == व्यसन : == जूयं मज्जं मंसं वेसा पारद्धि—चोर—परयारं। दुग्गइगमणस्सेदाणि हेउभूदाणि पावाणि।। —वसुनंदीश्रावकाचार : ५९ जुआ खेलना, मदिरापान, मांसाहार, वेश्यागमन, शिकार खेलना, चोरी करना और परस्त्रीगमन करना, ये पाप की ओर तथा दुर्गति में ले जाने के कारण हुआ करते हैं।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रयोज्यता- प्रयोजन के वष, उपयोग में आने की योग्यता। Prayojyata –Applicability, aptness.
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पृथिवीकाय – Prthivikaya. Earth body (earthen), it is an inanimate form. पृथिवीकायिक जीव के द्वारा छोड़े गये शरीर को पृथिवीकाय कहते हैं ” जैसे – ईंट आदि ” जो अचेतन होते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमेयरत्नालंकार- आचार्य चारुकीर्ति (ई. 1544) कृत एक ग्रंथ। Prameyaratnalankara- A book written by acharyaCharukirti
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक शरीर वर्गणा- 23 वर्गणाओं में एक वर्गणा; एक-एक जीव के एक-एक शरीर में उपचित (संचित) हुए कर्म-नोकर्मस्कंण्रुप वर्गणा। pratyeka sarira vargana – a type of aggregates of karmic molecules