प्रावचन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रावचन – श्रुतज्ञान का अपरनाम। प्रवचन अर्थात प्रकृश्ट शब्द समूह द्वारा होने वाला ज्ञान या द्रव्यश्रुत प्रावचन कहलाता है। Pravacana- Another name of shrutgyan (scriptural knowledge)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रावचन – श्रुतज्ञान का अपरनाम। प्रवचन अर्थात प्रकृश्ट शब्द समूह द्वारा होने वाला ज्ञान या द्रव्यश्रुत प्रावचन कहलाता है। Pravacana- Another name of shrutgyan (scriptural knowledge)
धारागृह Name of a dominion ‘Sheetgrah’ of Bharat Chakravarti (an emperor). भरत चक्रवर्ती की एक विभूति ‘शीतगृह’(ताप-विनाशी स्नानगृह) का नाम। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतस्कंध – Shrutaskandha. The Dwadshang Shrut (12 specified parts of scriptual knowledge). जिनभाषित और गणधर द्वारा रचित द्वादशांग श्रुत “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्ता – Sattaa. See- Sat. देखें- सत् ” अस्तित्व को सत्ता कहते हैं “
धवल सेठ A wealthy person of Kaushambi city. कौशाम्बी नगर का एक सेठ, श्रीपाल को समुद्र में गिराने वाला। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुत – Shruta. The scriptural knowledge, Something listened. द्वादशांग, सुना हुआ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त नोकर्म द्रव्य बंधक – Sachitta Nokarma Dravya Bandhaka. Those who fasten animals. बंधक का एक भेद; जैसे हाथी बांधने वाले इत्यादि “
धर्मानुप्रेक्षा See – Dharma Anuprek¼å. देखें – धर्म अनुप्रेक्षा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मलक्षण Basic characteristics of religion, Nature of a substance. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, स्म्यग्चारित्र- ये धर्म के लक्षण हैं। वस्तु का स्वभाव भी धर्मलक्षणकहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
इंद्रिय मार्गणा Investigation of senses. एकेन्द्रियादि जाति नामकर्म के उदय से जीव की जो एकेन्द्रिय आदि अवस्था होती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]