प्रकुब्जा!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकुब्जा – Prakubja. Name of the chief Aryika in the assembly of Lord Ajitanath. अजितनाथ भगवान के समवसरण की प्रधान आर्यिका अर्थात् गणिनी का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकुब्जा – Prakubja. Name of the chief Aryika in the assembly of Lord Ajitanath. अजितनाथ भगवान के समवसरण की प्रधान आर्यिका अर्थात् गणिनी का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मोत्तर (पटल) – Brahmottara (Patala). Name of the 4th Patal (layer) and Indrak Viman of Brahma. ब्रह्म स्वर्ग का चौथा पटल व इंद्रक विमान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वचतुष्टय – Svacatustaya. A quartel related to the nature of matter.द्रव्य के स्वभाव भूत द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव स्वचतुष्टय है।
दर्पणतुल्य भूमि An excellence of Lord Arihant (Land to have like mirror).अरहंतो के केवलज्ञान का एक, अतिशय, दर्पण के समान भूमि का स्वच्छ होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == कुल : == पुरिसाण कुलीणाण वि न कुलं विणयस्स कारणं होइ। चंदाऽमय—लच्छि सहोयरं पि मारेइ किं न विसं।। —गाहारयणकोष : १०० कुलीन पुरुषों का कुल विनय (आचार) का कारण (प्रमाण) नहीं होता। विष चन्द्र, अमृत एवं लक्ष्मी का सहोदर होते हुए भी क्या प्राण नाश नहीं करता ?
जयपुर Name of a city of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्याद्वाद – Syaadvaada. A doctrine of many fold standpoints or possibilities in describing a matter.अनेकान्तमयी वस्तु का कथन करने की पद्वति स्याद्वाद है अथवा स्यात् का अर्थ है सापेक्षा या कथंचित् एवं वाद का अर्थ है कथन, अतः अनेक धर्मात्मक वस्तु के प्रत्येक धर्म का सापेक्ष रुप से कथन करने की शैली का नाम…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नंदिषेणा – Namdisena Name of the female deity of Ruchak mountain. रुचक पर्वत की दिक्कुमारी देवी ”
जनपद A territory of a country, a populated place. देश का एक आबाद भाग ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्यादनेकत्व – Syaadanekatva. To have different characteristics in a matter (in some aspect).एक ही द्रव्य मे अनेक स्वभावो की उपलब्धि होना इससे द्रव्य कंथचित् अनेक स्वभावी कहलाता है।