संज्ञ!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संज्ञ – Sangya. Mind, mental power. मन ” जो भली प्रकार जानता हैं उसको संज्ञ अर्थात मन कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संज्ञ – Sangya. Mind, mental power. मन ” जो भली प्रकार जानता हैं उसको संज्ञ अर्थात मन कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थिति अपसरण – Sthiti Apasarana. Reduction in duration of bound Karmas.कर्मों की स्थिति का क्रम से धटना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थान – Sthaana. Place, position. जगह। जिसमे संख्या अथवा जिस अवस्था विशेष मे प्रकृतियाॅ ठहरती है उसे स्थान कहते है। स्थान, स्थिति और अवस्थान तीनो एकार्थक है। अविभाग प्रितिच्छेदो का समूह वर्ग, वर्ग का समूह वर्गणा का समूह स्पर्धक, स्पर्धक का समूह गुणहानि और गुणहानि का समूह स्थान है।
उदयगुणश्रेणी आयाम Rising geometric progression length (reg. specific karmic aggregate). उदय रूप निषेको में गुणकार क्रम से आकर्षित द्रव्या दिया जाता है उन निषेकों की संख्याt प्रमाण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चेष्टा Endeavour, Gesture, Activity. किसी वस्तु के लेने व छोड़ने के लिए सक्रिय होना , प्रयत्न या प्रयास करना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्थविर कल्प – Sthavira Kalpa. Code of conduct of Jana saint.समस्त वस्त्र आदि परिग्रह का त्याग करके दिगम्बर होना। 13 प्रकार के चारित्र व 28 मूलगुणो को धारण करना, हीन संहनन होने के कारण नगर आदि मे विहार करना, चारित्र भंग न हो ऐसे उपकरणो को रखना, षिष्यो का पालन करना यह सब हीन…
आराधना संग्रह A book written by ‘Acharya Padmanandi’. आचार्य पद्मनन्दि द्वारा रचित एक ग्रन्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चतुर्दोष Particular four faults related to food. संयोजना , अप्रमाण , अङ्ागर और धूम आहार के ये ४ दोष होते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सम्मत सत्य – Sammata Satya. Something unanimously accepted or approved. बहुत जनों के द्वारा माना गया जो नाम वह सम्मत सत्य है। जैसे लोक मे राजा की स्त्री को रानी कहना।