पुमान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुमान – Pumana. A meritorious name for Lord Arihant, A title for living being. जिनेन्द्र भगवान के १००८ नामों में एक नाम, जीव को भी पुमान कहने की विवक्षा है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुमान – Pumana. A meritorious name for Lord Arihant, A title for living being. जिनेन्द्र भगवान के १००८ नामों में एक नाम, जीव को भी पुमान कहने की विवक्षा है “
धर्मानुप्रेक्षा See – Dharma Anuprek¼å. देखें – धर्म अनुप्रेक्षा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञा – Pragyaa. Great wisdom, Intellect. मेघा, विशिष्ट बुद्धि, विवेक “
धर्मलक्षण Basic characteristics of religion, Nature of a substance. सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान, स्म्यग्चारित्र- ये धर्म के लक्षण हैं। वस्तु का स्वभाव भी धर्मलक्षणकहा जाता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
धर्मप्रभावना Propagation of religion. धर्म की प्रभावना करना , समुचित रीति से अज्ञानरूपी अंधकार को हटाकर जैनधर्म की महिमा को फैलाना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रकुर्वी – Prakurvi. Great Acharya having great patience in serving Kshapaks (saints at the stage of mortification I.e. Samadhi). क्षपक की सर्व प्रकार शुश्रूषा करते हुए अधिक परिश्रम पड़ने पर भी जो आचार्य खिन्न नहीं होते हैं, ऐसे आचार्य “
धर्मकथा Religious story. धर्म में दृढ़ करने वाली कथा ; आक्षोपिणी, विक्षोपिणी, संवेदिनी, निर्वेदिनी के भेद से 4 प्रकार की है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदवाद:Principle of analysing something with its different properties. वस्तु को गुण, पर्याय, लक्षण आदि की अपेक्षा ग्रहण करना “
धरणा Name of the Ganini (chief Aryika) in the holy assembly of Lord Sheetalnath. शीतलनाथ भगवान के समवशरण की गणिनी (प्रमुख आर्यिका) का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावासन्न – Bhavasanna. Impure saint. जो साधु चारित्र से भ्रष्ट होकर सिध्द मार्ग की अनुयायी क्रियाएं करता है तथा असंयत जनों की सेवा करता है”