द्रव्य निमित्तक!
द्रव्य निमित्तक Circumstantial transformation of matters. द्रव्य कर्म का निमित्त पाकर क्रोधादि कषायरूप परिणमन होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य निमित्तक Circumstantial transformation of matters. द्रव्य कर्म का निमित्त पाकर क्रोधादि कषायरूप परिणमन होना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य उपक्रम A type of Upakram – a pursuance in accordance with natural matters. उपक्रम का एक भेद (उपक्रम- जो प्रकृत प्रदत्त पदार्थ के अर्थ को अपने समीप करता है)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रविक A liquid substance or melted substance. पतला, तरल पदार्थ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] भेदप्रवृति:Differential attitude or attitude of differentiation. अभेद रूप से गृहीत वस्तुओं का परमाणु पयतं भेद करना “
दोग्रंथिक पाहुड Supreme treatise (commandments) containing knowledge of all 12 Angas. जिन भगवान के द्वारा निर्दोष श्रेष्ठ विद्धान आचार्यों की परम्परा से भव्य जनों के लिए भेजे गये बारह अंगों के वचनों का समुदाय अथवा उनका एकदेषपरमानंद।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनय संपन्नता – Vinaya Sampannata. Reverence with respect (humble reverence). षोडशकारण भावना का एक भेद; ज्ञान आदि गुणों और उनके साधक गुरुजनों का यथायोग्य रीती से आदर सत्कार करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भद्र्बल – Bhadrabala. Name of a chief disciple of Lord Adinath. आदिनाथ भगवान् के १९ वें गणधर का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेंत – Veinta. Cane, A stick. वेत्त, लाठी ” संज्वलन मान कषाय का दृष्टन्त “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावशक्ति – Bhavasakti. Power of thinking. जीव की एक शक्ति; वर्तमान अवस्था (पर्याय) सहितरूप भाव शक्ति है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूक संज्ञा–Muuk Sangya. An infraction of meditative relaxation or posture of meditation. कायोत्सर्ग का एक अतिचार” गूंगे की भाति हुनकर कटे हुए खड़े होना, अंगुली से किसी वस्तु की ओर संकेत करते हए खड़े होना”