देवदेवमातृक!
देवदेवमातृक Countries having rain fall. वर्षा के जल से सींचे जाने वाले देश।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवदेवमातृक Countries having rain fall. वर्षा के जल से सींचे जाने वाले देश।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तीन Three (three jewels of Jain philosophy etc.). एक संख्या , तीन लोक , तीन चैबीसी , रत्नत्रय (तीन रत्न), तीन अज्ञान इत्यादि । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आभिनिबोध Sensory knowledge; knowledge obtained by mental capacity. मतिज्ञान का पर्यायवाची नाम इन्द्रिय ओर मन की सहायता से अभिमुख और नियमित पदार्थ का ज्ञान होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तिर्यक् चतुष्टकय A quartet related to subhuman beings (Tiryanch). तिर्यच गति, तिर्यचगत्यानुपूर्वी, तिर्यचआयु, उद्योत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्मशान-भूमि – Shmashaana-Bhoomi. Cremantion ground, Burial place. शरीर के डाह संस्कार करने का स्थल, मरघट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रशस्त विहायोगति नाम कर्म प्रकृति- सुंदर चाल जिस कर्म के उदय से हो, जैसे- हंस हाथी की चाल। Prasasta Vihayagati nama karma Prakriti- Physique making karmas causing graceful walking style
तिर्यच जीव Animal and plants, beings other than human, celestial & infernal beings. मनुष्य, देव और नारकी जीवों को छोडकर शेष एकेन्द्रिय से लेकर पंचेन्द्रिय जीव तिर्यंच जीव कहलाते हैं । मन वचन काय की कुटिलता को प्रापत , निकृष्ट अज्ञानी और जिनके अत्यधिक पाप की बहुल्ता पायी जाये , उसको तिर्यंच कहते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव गति – Vibhava Gati. Contrary movement. जीव – पुद्ग्ल की स्वभाव से विपरीत गति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रवित्त चक्र- योग आदि क्रियाओं में रात-दिन लगे रहना। Pravita cakra- to be always engaged in yogic activities
तालाब Pond, the 8th dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती के 16 स्वपनों में 8 वें स्वप्न, जिसमें मध्य भाग में सूखा तालाब देखा।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]