छाग!
छाग A billy-goat, significant symbol of Lord Kunthunath. बकरा; कुंथुनाथ भगवान का चिन्ह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
छाग A billy-goat, significant symbol of Lord Kunthunath. बकरा; कुंथुनाथ भगवान का चिन्ह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सवितर्क – Savitarka. Unconscious thought activities in absolute meditation. पृथक्त्वविर्तक एवं एकत्व वितर्क दोनों शुक्लध्यान वितर्क सहित है। विचार करने को वितर्क कहते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रस़ऋद्धि – एक ऋद्धि, यह उग्र तपस्या से प्राप्त होती है। Rasa Rddhi- A type of super natural power
जंगम-प्रतिमा Body of Digambar Jain saint which is symbolic form of Lord-Arihant. दर्शन ज्ञान करके शुद्ध है आचरण जिन्का ऐसे वीतराग निर्ग्रन्थ साधु की देह उसकी आत्मा से पर होने के कारण जिनमार्ग में जंगम प्रतिमा कही जाती है अथवा ऐसे साधुओं के लिए अपनी और अन्य जीवों की देह जंगम पेरातिमा है , समवशरण…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वासंख्यात – Sarvaasankhyaata. Innumerable (uncountable). घनलोक सर्वासंख्यात है क्योंकि घनरूप से लोक के देखने पर प्रदेषों की गणना की अपेक्षा वे संख्यातीत है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीर्य चर्या –ViryaCarya. See – ViraCarya देखे – वीर्य चर्या
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वसावद्य योग -Sarvasaavadya yoga. Sinful worldly activities. समस्त आरंभ परिग्रह से सहित मन, वचन कायरूप योग । इनकी निवृत्ति सामायिक का लक्षण है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विनोदीलाल – Vinodilala. Name of a great Jaina poet, the writer of ‘ Bhaktamar katha’ etc. many books. एक जैन कवि, भक्तामर कथा (वि.१७४७), सम्यकत्व कौमुदी (वि. १७४९) ग्रंथ के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वविभक्ति – Sarvavibhakti. Division of all Karmic aggregates. उत्कृष्ट स्थितिबंध होने पर जो प्रथम निषेक से लेकर अंतिम निषेक तक निषेक रचना होती है वह सर्व स्थिति विभक्ति है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नि – क्षेत्र का प्रमाण विषेश। एक हाथ का परिमाण 2 वितस्ति=1 हाथ। इसका मूल नाम अरत्नि है। Ratni- A measurement unit of area