पराधीन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] Dependent on others. दूसरो पर निर्भर रहने वाला।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भव्यकुमुदचन्द्रिका – Bhavyakumudachandrika. Name of a treatise written by Pandit Ashadhar. पं. आशाधर (ई. ११७३- १२४३) कृत एक ग्रंथ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रणेता – Pranetaa. Founder, Maker, Composer. संस्थापक, रचनाकार “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्ममालिनी: Name of a chief female divinity of peripatetic Indras. व्यंतर इन्द्र की प्रधान देवी का नाम ।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशपाल–Yashpaal. Name of an Acharya. मूलसंघ के एक आचार्य, अपरनाम जयपाल”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पदंत (आचार्य) – Puspadamta (Acarya). Name of an Acharya of Moolsangh, who wrote Shatkhandagam (a great Jaina treatise). मुलसंघ के एक आचार्य; धरसेनाचार्य के पादमुल में ज्ञान प्राप्त करके षट्खंडागम की रचना की, ये अंगांशधारी थे. इस नाम से और भी आचार्य हुए “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मदल: A cluster of Lotus flowers, Lotus petals. कमलो का समूह।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विष्णुकुमार –Visnukumara. A great saint; the son of Chakravarti (emperor) ‘Mahapadma; ultimately who got salvation. महापध्न चक्रवर्ती के पुत्र एक महामुनि ” अक्म्पनाचार्य के ७०० मुनियों के संघ पर बलि कृत उपसर्ग को अपनी विक्रिया ऋध्दी द्वारा दूर किया, अंत में तप कर मोक्ष गये “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्कर – Puskara. Name of a Viman (heavenly abode) of Achyut heaven. अच्युत स्वर्ग का एक विमान “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == मोहनीय : == सेनापति निहते, यथा सेना प्रणश्यति। एवं कर्माणि नश्यन्ति, मोहनीये क्षयंगते।। —समणसुत्त : ६१३ जैसे सेनापति के मारे जाने पर सेना नष्ट हो जाती है, वैसे ही एक मोहनीय कर्म के क्षय होने पर समस्त कर्म सहज ही नष्ट हो जाते हैं।