षष्ठीव्रत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षष्ठीव्रत – Sastheevrata. A particular & procedural vow (fasting) to be observed for six years. 6 वर्ष तक प्रतिवर्ष श्रावण शु. 6 के दिन उपवास करना एवं ‘ओं ह्रीं श्री नेमिनाथाय नमः’ मंत्र का त्रिकाल जाप करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षष्ठीव्रत – Sastheevrata. A particular & procedural vow (fasting) to be observed for six years. 6 वर्ष तक प्रतिवर्ष श्रावण शु. 6 के दिन उपवास करना एवं ‘ओं ह्रीं श्री नेमिनाथाय नमः’ मंत्र का त्रिकाल जाप करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियदर्शन – महोरग नामा जाति व्यन्तर देवों का एक भेद, सुमेरु पर्वत का अपरनाम, उत्तरधातकी-खण्डद्वीप का रक्षक देव। Priyadarsana- A type of peripatetic deities, other name of sumeru mountain, protecting deity of Uttardhat kikhand dvip (island)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्गुण हानि वृद्धि – Sadguna Haani Vrddhi. Finite or infinite increase and decrease (related to indivisible particles etc.) अनंत भागवृद्धि, असंख्यात भाग वृद्धि, संख्यात भाग वृद्धि, संख्यात गुण वृद्धि, असंख्यात गुणवृद्धि, अनंत गुण वृद्धि ” अनंत भाग हानि, असंख्यात भाग हानि, संख्यात भाग हानि, संख्यात गुण हानि, असंख्यात गुण हानि, अनंत गुण हानि “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसकर्म – मंत्र – तंत्र आदि के द्वारा रस आदि की सिद्धि करना। Rasakarma- Mystical activity
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्काय – Satkaaya. Six kinds of body forms of living beings. त्रस तथा पृथिव, जल, वायु, अग्नि और वनास्पतिकाय के जीव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगवक्रता – मन वचन काय की कुटिलता। Yogavakrata-Crookedness in activities of mind, speech & body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगमुद्रा – पल्संकासन, पर्यकासन और वीरासन इन तीनो मे से किसी भी आसन के साथ, बाए हाथ की हथेली पर दाए हाथ की हथेली रखकर ध्यानावस्था में बैठना। Yogamudra-A cross legged posture of meditation
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेयांससागर – Shreyaansasaagara. Name of a great Acharya in the disciple tradition of Acharya Shree Shantisagarji Maharaj. 20वीं सदी के प्रथम आचार्य चारित्रचक्रवर्ती श्री शान्तिसागर जी महाराज की परम्परा में हुए पंचम पट्टाचार्य ” इनकी प्रेरणा से मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र पर 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं का नूतन जिनमंदिर निर्मित किया गया है ” ये एक महान…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूक्षस्पर्ष नामकर्म – जिस कर्म के उदय से षरीर रूखा हो। Ruksasparsa Namakarma-A type of karma causing dry skin in body