भेषजदान!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेषजदान:Donation of medicines. प्रासुक औषधिदान “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनि–Muni. The Jain saint–one having Jaineshvari Diksha (Jain–initiation). सामान्य रूप से निर्ग्रन्थ साधुओ को भी मुनि कहा जाता है” चारित्रसार ग्रंथ में ऋषि, मुनि, यति आदि भेदो द्वारा मनःपर्ययज्ञानी व केवलज्ञानी को भी मुनि कहा है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपत्तिसमास – pratipattisamaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुताज्ञान के 20 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विरुध्द हेतु – Viruddha Hetu. Contrary cause. जो हेतु साधन का खण्डन करे “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्षण विनाशीभाव – Pratikshana Vinaasheebhaava. Perishing momentarily (reg. Paryay). पर्याय, जो प्रतिक्षण नष्ट होती रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पसेन – Puspasena. Name of a Digambar Acharya, the preceptor of Vadeebh Singh, Name of a poet. एक दिगम्बर आचार्य (ई. ७२०-७८०) एवं छत्रचूड़ामणि के कर्ता वादीभ सिंह के गुरु, कवि; द्विसंधान, सप्तसंधान काव्य टीका के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पगंधी – Puspagamdhi. Name of the chief female divinity of peripatetic Indra Atikay. महोरग जाति के व्यंतरो के इन्द्र अतिकाय की वल्लभिका देवी “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषार्थसिध्दयुपाय – Purusarthasiddhayupaya. A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचन्द्र (ई. ९०५-९५५) द्वारा रचित एक श्रावकाचार एवं अहिंसा की विशेष व्याख्या करने वाला संस्कृत ग्रंथ, यह श्रावक एवं साधुओं द्वारा अवश्य पठनीय है “