चूर्णसूत्रवृत्ति!
चूर्णसूत्रवृत्ति A book written by Uchcharanacharya. उत्तारणाचार्य द्वारा यतिववृषभाचार्य (ई. १५०-१८०) कृत कषाय प्राभृत के चूर्नमा सूत्रों पर लिखित एक किताब ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चूर्णसूत्रवृत्ति A book written by Uchcharanacharya. उत्तारणाचार्य द्वारा यतिववृषभाचार्य (ई. १५०-१८०) कृत कषाय प्राभृत के चूर्नमा सूत्रों पर लिखित एक किताब ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपमद – आठ मदो में एक मद।अपनी सुन्दरता का घमण्ड होना। Rupamada-Pride of beauty-puff
चतुर्विध उदय Four kinds of fruition. प्रकृति, स्थिति , अनुभाग , प्रदेश रूप उदय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्त्रीप्रवज्या – Stripravajyaa. Initiation of a woman for asceticism.स्त्री द्वारा संपूर्ण परिग्रह त्याग करके दीक्षा धारण करना( उपचार से महाव्रती होते हुए भी सावरण होने से स्त्रियो को मुक्ति नही होती है)।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजमल्ल सत्यवाक्य – ई 816 – 830 के एक राजा का नाम।इनके राज्यकाल में ही आचार्य विद्यानंदी नं 1 के द्वारा आप्त परीक्षा प्रमाणपरीक्षा युक्त्यानुषासन गं्रथ लिखे गए। Rajamalla Satyavakaya-Name of a king
छंदशतक A book written by a poet Vrindavan. कवि वृन्दावन द्वारा रचित (ई. १८००-१८४८) भाषा पद संग्रह ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्कीर्तना – Samutkeertanaa. A disquisition door (Anuyodvar) expressing existence of all karmic nature. एक अनुयोगद्वार इसमे कर्म प्रकृतियो का अस्तित्व बतलाया जाता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रक्ता (कुंड) – 32 विदेह की 64 नदियो में रक्ता नदी का कुण्ड जो नील व निशध पर्वत के मूल भाग में स्थित है। Rakta (Kumda)-A wide mouthed pool situated in the base part of Neel & Nishadh Mountain
चिंतानिरोध Concentration, Meditation. एकाग्रता ; चित्त की वृत्ति को एक ही विषय में लगान्मा चिंतानिरोध अर्थात् ध्यान है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रजस्वला स्त्री – देखे – पुश्यवती स्त्री Rajasvala Stri-Menstrous women