विराट!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराट – Virata. Name of a country, the old name of Barar. एक देश, राजा विराट यहाँ के राजा थे वनवासी पांडवों ने छध्वेश में इसी का आश्रय लिया था (बरार देश का पूर्व नाम) “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराट – Virata. Name of a country, the old name of Barar. एक देश, राजा विराट यहाँ के राजा थे वनवासी पांडवों ने छध्वेश में इसी का आश्रय लिया था (बरार देश का पूर्व नाम) “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == ध्यान : == मोक्ष: कर्मक्षयादेव, स चात्मज्ञानतो भवेत्। ध्यानसाध्यं मतं तच्च, तद्ध्यानं हिममात्मन:।। —योगशास्त्र : ४-११३ कर्म के क्षय से मोक्ष होता है, आत्मज्ञान से कर्म का क्षय होता है और ध्यान से आत्मज्ञान से कर्म का क्षय होता है और ध्यान से आत्मज्ञान प्राप्त होता है। अत: ध्यान…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषम द्रष्टांत – Vishama Drstamta. An odd example of an event. जो दार्ष्टान्तिक के सदृश न हो उसे विषम द्रष्टांत कहते हैं “
त्रिपदधर तीर्थंकर Jaina Lords possessing three great titles (Tirthankar Shantinath, Kumthunath and Aranath). शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरनाथ, तीर्थंकर, ये तीनों कामदेव, चक्रवर्ती एंव तीर्थंकर तीन पदधारी थे। इनका जन्म हस्तिनापुर में हुआ था। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्यमित्र – Satyamitra. Name of the 41st chief disciple of Lord Risabhdev. भगवान ऋषभदेव के 41वें गणधर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर पर्याप्ति काल – Sharera Paryaaypti Kaala. Period of the formation of respiratory vitality in the body. शरीर पर्याप्ति पूर्ण होने पर जब तक श्वासोच्छवास पर्याप्ति पूर्ण न हो तब तक का काल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परविवाहकरण :An infraction of vow of celibracy.ब्रहमचर्याणुव्रत का एक अतिचार, अपने कुटुम्ब के सिवाय अन्यों का विवाह करना,कराना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परवश अतिचार:A type of infraction, acceptance of abandoned material due to somje external fear.अतिचार का एक भेद;उन्माद, पित , पिशाच, आदि अथवा अन्य लोगों के वश होकर त्याग किये हुए पदार्थें को ग्रहण करना ।
उदासीन निमित्त Passive cause, cause having neutrality. देखें- उदासीन कारण। निष्क्रिय कारण।[[श्रेणी:शब्दकोष]]