बंध विधान!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध विधान- प्रकृति, स्थिति, अनुभाग और प्रदेश के भेद से भेद को प्राप्त हुए बन्ध के भेदों को बंध विधान कहते है। Bandha Vidhana- Constitution of Karmic binding
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध विधान- प्रकृति, स्थिति, अनुभाग और प्रदेश के भेद से भेद को प्राप्त हुए बन्ध के भेदों को बंध विधान कहते है। Bandha Vidhana- Constitution of Karmic binding
देशावकाशिक व्रत Vow of keeping restriction in movement, food eating, sensual pleasures etc. to a limit. प्रथम शिक्षाव्रत – दिगव्रत की सीमा के अन्तर्गत दैनिक गमनागनम मे घर, बाजार, गली, मोहल्ला आदि की सीमा करना। निश्चित सीमा के बाहर गमन करने का त्याग , भोजन करने का त्याग, मैथुन करने का त्याग अथवा मौन धारण…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्दिक् गति – Saddika Gati. Six directional motion of beings, binded with Karmas. कर्मबद्ध जीवों का कर्मनिमित्तक षट्दिक अर्थात 6 दिशाओं में गमन होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रासुक- जिसमे से एकेनिद्रय स्थावर जीव निकल गये हैं वह प्रासुक द्रव्य कहलाता है। Prasuka- Sterilized, boiled water, milk etc.
देवकुरू A land of enjoyment situated in Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र में मेरूपर्वत के दक्षिण में स्थित उत्तम भोगभूमि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्खंडागम – Satkhandaagama. Six parts of great Jaina philosophical literature containing Karmic theory. कर्म सिद्धांत विषयक ग्रंथ; इसकी उत्पत्ति मूल द्वादशांग श्रुतस्कंध से हुई है ” इसके 6 खंड हैं (देखे- षट्खंड टीका) ” पहले खण्ड के सूत्र पुष्पदंत आचार्य (ई. 106-136) के बनाये हुए हैं, उनका शरीरान्तहो जाने के कारण शेष 4 खण्डों…
देवतिलक A commentator of ‘Kalyanamandir Stotra’ (a treatise). कल्याणमंदिर स्त्रोत के टीकाकार।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्वेताम्बर पराजय – Shvetaambara Paraajaya. Name of a book written by Pandit Jagannath. पंडित जगन्नाथ (ई.सन् 1646) कृत कवलि भुक्ति निराकृति विषयक एक रचना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंधच्छेद-बंध का नाश। Bandhaccheda- Bondage dissociation, Bond extermination
दूरापकृष्टि A type of Krishti (gradual destruction of passions). कर्मों का स्थितिकाण्डकघात होते-होते जब सबसे जघन्य पल्योपम के संख्यातवें भाग प्रमाण स्थिति शेष रह जाती है वह स्थिति दूरापकृष्टि है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]