यषोभद्रा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोभद्रा – नन्दीष्वर द्वीप की उत्तर दिषा में स्थित एक वापी। Yasobhadra-name of a religious preceptor of Acharya Bhadrabahu-2
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोभद्रा – नन्दीष्वर द्वीप की उत्तर दिषा में स्थित एक वापी। Yasobhadra-name of a religious preceptor of Acharya Bhadrabahu-2
आनत(इन्द्र) A type of celestial deities. तेरहवें स्वर्ग के इन्द्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संहार – Sanhaara. Drawing together or contraction of soul points, Destruction. संकोच; जीव के प्रदेशों का शरीर के अनुसार संकुचित होना ” नाश, ध्वंस “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रीवत्स – Shreevatsa. A particular type of mark on the chest of meritorious persons, Name of a propounder of Vaishesik literature. तीर्थंकर आदि पुण्यात्माओं का एक शारीरिक लक्षण जो वक्षःस्थल पर होता है ” पार्श्वनाथ चरित्र के अनुसार उनकें नवमें भव पूर्व में पोदनपुर के राजा अरविंद की मुनिअवस्था में उनके वक्षस्थल का श्रीवत्सम…
साधु-जो अट्ठाईस मूलगुणों का पालन करते हैं, सदा रत्नत्रय के साधन हेतु ध्यान और अध्ययन में लगे रहते हैं, वे साधु परमेष्ठी कहलाते हैं। आचार्य, उपाध्याय और साधु ये तीनों ही दिगम्बर वेषधारी मुनि होते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोधर्मा – भोजवंश के एक राजा का नाम। समय ई 1143 – 1153 Yasodharma- Name of a king of Bhoj Dynasty
इक्ष्वाकुवंश A dynasty originated from Lord Adinath. भगवान आदिनाथ से यह वंश प्रारम्भ हुआ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजपिंड – राजा आदि विषेश धनाढय व्सक्तियो के यहां से आहार ग्रहण करना।साधुओं के लिए ऐसे आहार ग्रहण करना निशेध है। Rajapinda-Food taking from kingly or royal families (Restricted from saints)
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रेषन्दीगिरी तीर्थ – मध्यप्रदेष के छतरपुर जिले में अवस्थित एक सिद्ध क्षेत्र जहां से वरदत्त आदि मुनि मोक्ष पधारे। इस क्षेत्र का दूसरा नाम नैनागिरी भी है। Resandigiri (Tirtha)-Name of a place of pilgrimage (Siddhakshetra) of M. P. It’s another name is nainagiri