रोम!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम – शरीर के समस्त छिद्रो मे स्थित सूक्ष्म बाल।आदारिक षरीर में रोमो का प्रमाण 80,000,00 करोड है। Roma-Small hair in the pores in the body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम – शरीर के समस्त छिद्रो मे स्थित सूक्ष्म बाल।आदारिक षरीर में रोमो का प्रमाण 80,000,00 करोड है। Roma-Small hair in the pores in the body
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावना लीनता – Bhavana Linata. Deep engrossment in meditation for supreme bliss. अपने अंतरंग में लीन रहना जिससे परम सुख की प्राप्ति होती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योषित – स्त्री, चक्रवर्ती के 14 रत्नो में एक रत्न। Yosita-A women one of the 14th Jewels of Chakravarti
गुणसेन A disciple of Acharya Veersen Swami. आचार्य वीरसेन स्वामी के शिष्य (ई. १०७३)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्रोणाचार्य The teacher of ‘Kauravas’ and ‘Pandavas’ and the father of ‘Ashvatthama’. कौरवों तथा पाण्डवों के गुरू तथा अश्वत्थामा के पिता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
खंडदेव Medium attenuation, a part of krashti (gradual destruction of passions). पूर्व मीमांसा दर्शन के एक प्रवर्तक जिन्होंने ‘भाट्टपीदिका’ आदि ग्रंथों की रचना की ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्ति–Muurti. Lord idol, An Image. स्थापना निक्षेप से किसी का स्वरुप समझने के लिए उसकी तदाकार मूर्ति बनाना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बुद्धेशभवनव्याख्यान – Buddhesabhavanavyakhyana. Name of a treatise written by Acharya Vidynandi. आचार्य विधानदिं (ई. ७७५ -८४० ) कृत एक ग्रंथ “
द्रव्य शक्ति Substantial capacity. मूल पदार्थ की शक्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]