ध्यानशुद्धि!
ध्यानशुद्धि Controlling & concentrating of mind through meditation. रूप, रसादि विषयों में दौड़ते हुए एवं क्रोध को प्राप्त हुए चंचल मन को अपने वश में करना अर्थात् एकाग्र कर लेना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
ध्यानशुद्धि Controlling & concentrating of mind through meditation. रूप, रसादि विषयों में दौड़ते हुए एवं क्रोध को प्राप्त हुए चंचल मन को अपने वश में करना अर्थात् एकाग्र कर लेना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संक्रमण – Sankramana. Transition of Karmic nature. कर्म प्रकृतियों का बदलकर अन्य प्रकृति रूप हो जाना “
धृतेन्द्र A king of Kuru dynasty. धृतपद्म के पश्चात् हुआ कुरूवंशी राजा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकोच – Sankoca. Narrowness, Contraction. सिकुड़ना, संक्षेपण, सहमना “
धृतमान A king of Kuru dynasty. राजा धृतयश के पश्चात् हुआ एक कुरूवंशी राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संकर – Sankara. Hybrid, Cross-breed, Something mixed. सम्मिश्रण, मिलावट “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रीति क्रिया- गर्भान्वय की 53 क्रियाओं में एक क्रिया; इसमें गर्भाधान के तीसरे मास में जिनेद्र देव की पूजा की जाती है। Priti Kriya- An auspicious act of religious observances ( to be done in 3rd month of pregnancy)
धार्मिक क्रिया Religious activity. धार्मिक क्षेत्र में श्रावक व साधुजन द्वारा किया जाने वाला कायिक अनुष्ठान इत्यादि। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्विशंति – Sadvishanti. Twenty six (26 delusive Karmic nature of false believers etc.). 26, नियम से मिथ्यादृष्टि जीव मोह की 26 प्रकृतियों का स्वामी होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियंगु- सुदिनाथ एवं पग्प्रभ भगवान के दीक्षा वृक्ष का नाम। Priyamgu-Name of the initiation tree of lord sumantinath & lord padamaprabha.