प्रादूषिक क्रिया!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादूषिक क्रिया- राग, द्वेश, इश्र्या आदि से युक्त कार्य। Pradusikakriya- Malicial activity
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादूषिक क्रिया- राग, द्वेश, इश्र्या आदि से युक्त कार्य। Pradusikakriya- Malicial activity
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावपुण्य – Bhava Punya. Auspicious thought- activity of soul. दान, पूजा षडावश्यकादि रूप जीव के शुभ परिणाम भावपुण्य हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणव्यपरोपण- हिंसा; जीवों के प्राणों का घात करना। Pranavyaparopana- Violenceful activities
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परगण चर्या:To join other group of saints by a saint after leaving own group. साधु आदि द्वारा अपना संघ छोडकर अन्य संघ में जाना ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवाध्दा – Bhavaddha. A measure related to a life course. भव सम्बंधी काल के प्रमाण को भवाद्धा कहते हैं “
झझावात Heavy rainy storm. जलवृष्टि सहित जो वायु बहती है उसे झांझावात कहते हैं। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बहुजन पृच्छा आलोचना- आलोचना का एक दोा; आचार्य महाराज द्वारा दिये गये प्रायश्चित में अश्रद्धान करके वह योग्य है या अयोग्य ऐसा अन्य किसी से पूछना। Bahujana Prccha alocana- Disbelieving on the repentance given by an acharya (a fault)
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्यकाल–Mukhyakaal. A type of prime period of time. वर्तना लक्षण काल का प्रथम भेद; गौण काल की प्रवृत्तिइसी काल के कारण होती है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बलहद्दचरिउ- बलभद्र चरित्र विायक एक ग्रंथ। Balahaddacariu- Name of a book
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परंपरा आगत:Authenticity of scriptures, approved by spiritual leaders (Acharyas). आगम की प्रमाणिकता जो आचार्य परम्परा से आगत होने के कारण जानी जाती है।