प्रमद!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमद- भविश्यकालीन प्रथम रुद्र। Pramada- Name of the first predestined Rudra
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमद- भविश्यकालीन प्रथम रुद्र। Pramada- Name of the first predestined Rudra
द्वीद्रिय जीव That which has two senses. जिन जीवों के स्पर्शन – रसना दो इन्द्रियां होती है, शंख कृमि आदि।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभाव- शाप औश्र अनुग्रह रुप शक्ति को पय्रभाव कहते हैं। Prabhava- Efficacy, Effect
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहस्त्रनाम स्तव – Sahasranaama Stava. Name of an eulogical treatise written by Pandit Ashodhar. प0 आशाधर (ई0 1173-1243) द्वारा रचित संस्कृत छंदबद्ध ग्रंथ जिसमें 1008 नामों द्वारा भगवान का स्तवन किया गया है। इस पर आचार्य श्रुतसागर (ई0 1473-1533) ने टीका लिखी है ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहभू – Sahabhoo. Co-existing one. सहभावी, न्वयी, गुण, सहभू तथा अर्थ ये सब षब्द अर्थ की दृष्टि से एकार्थक होने के कारण एकार्थवाचक है।
उदयसेन मुनि Name of a Jaina-saint. एक दिगम्बर मुनि पं. आशाधर के शिष्य।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
नवधाभक्ति- मुनिराज का पडगाहन करना,उन्हें उच्चस्थान पर विराजमान करना, उनके चरण धोना, उनकी पूजा करना, उन्हें नमस्कार करना, अपने मन-वचन काय की शुद्धि और आहार की विशुद्धि रखना, इस प्रकार दान देने वाले के यह नौ प्रकार का पुण्य अथवा नवधाभक्ति कहलाती है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मूर्च्छा–Muurchchha. Unconsciousness, Delusion, Attachment, Worldly, Worldly involvement. बेहोशी, मोह, जैनागमानुसार ‘मूर्च्छा’ परिग्रह या ममत्व भाव है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रादुर्भाव- नई पर्याय का उत्पाद होना। Pradurbhava- Origination, evolution
द्वितीयोपशम सम्यत्तव Second subsidential right belief. उपशम श्रेणी चढ़ने वाले साधु को क्षयोपशम सम्यग्दर्शन से पुनः जो उपशम सम्यक्त्व होता है उसे द्वितीयोपशम सम्यग्दर्शन कहते है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]