शरीर निर्मलता!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर निर्मलता – Shareera Nirmalataa. An excellence of the birth of Jaina-Lord (purity of the body). जिनेन्द्रभगवान के शरीर की अतिशयी निर्मलता-भगवान अरहंत के जन्म के 10 अतिशयों में एक अतिशय “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शरीर निर्मलता – Shareera Nirmalataa. An excellence of the birth of Jaina-Lord (purity of the body). जिनेन्द्रभगवान के शरीर की अतिशयी निर्मलता-भगवान अरहंत के जन्म के 10 अतिशयों में एक अतिशय “
देवागंना Female deities. देवियाँ- इनका जन्म केवल प्रथम एंव दूसरे स्वर्ग में होता है। और 16 स्वर्गों तक अपने-अपने नियोगी देवों द्वारा ले जायी जाती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
आनंदा Name of a female divinity of Anjan Summit of Ruchakvar mountain, A Vapi (like large lake) of Samavsharan. रूचकवर पर्वत के अंजन कूट की देवी का नाम, समवशरण के अशोक वन में स्थित छः वापियों में एक वापी।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सज्जनचित्तवल्लभ – Sajjanacittavallabha. Name of a treatise written by Acharya Mallishen. आचार्य मल्लिषेण (ई. 1047) द्वारा रचित अध्यात्म उपदेश रूप संस्कृत छंदबद्ध ग्रंथ ” इसमें 25 श्लोक हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] परमोपेक्षा संयम:Absolute right conduct related to perfect restraint.निश्चय चारित्र या शुद्वोपयोग।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूपातित ध्यान – सिद्ध परमेही का घ्यान करना। Rupatita Dhyana-A type of meditation deep engrossment in the form of Siddha Bhagvan
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त भाव – Sachitta Bhaava. Animate beings. निक्षेप रूप भाव का एक भेद ” जीव द्रव्य सहित भाव है बाकी 5 द्रव्य अचित्त भाव हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्कार पुरस्कार परीषह – Satkaara Puraskaara Parishaha. Affliction of dishonour to a saint. 22 परिषहों में एक परिषह ” सत्कार का अर्थ पूजा-प्रशंसा है तथा पुरूस्कार का अर्थ निमंत्रण है ” चिरकाल से दीक्षित होते हुए भी आदर-सत्कार, प्रशंसा, आमंत्रण आदि न मिलने पर जो साधू मन को कलुषित नहीं होने देता और समतापूर्वक…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सामान्य भूमि – Saamaanya Bhoomi. Gircular land in the assembly of Lord Arihant (with 20,000 stairs in every direction). समवसरण के 31 अधिकारों में प्रथम अधिकार । समवशरण में सामान्य भूमि गोल होती है। उसकी प्रत्येक दिशा में आकाश में स्थित 20-20 हजार सीढि़याॅं है।