वचनप्रवृति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनप्रवृति – Vachanpravrtti.: Speaking activities. जीव की बोलने हेतु प्रयत्न रूप क्रिया या प्रवृति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनप्रवृति – Vachanpravrtti.: Speaking activities. जीव की बोलने हेतु प्रयत्न रूप क्रिया या प्रवृति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसर्ग – Nisarga. Natural state, NNature. स्वभाव या प्रवर्तन “
गोपुच्छक A group of Digambar Jain saints. दिगंबर साधुओं का एक जैनाभासी संघ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वक्रांत – Vakraanta: Name of a dwelling place of a hellish earth (Ratnaprabha). रत्नप्रभा पृथ्वी के 11वें प्रस्तर का इन्द्रक बिल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निष्कुट क्षेत्र – Nishkuta Kshetra. A region which is located in the topmost corner of the universe outside of the mobile channel. लोक शिखर का कोण भाग “
गूढ़ब्रह्मचारी Imperfect celibates or saints (readopting worldly life later on). जो कुमार अवस्था में मुनि होकर मुनियों के पास विद्याभ्यास करें, फिर असमर्थ होकर व राजा आदि की प्राणना से गृहस्थ में आ जावें ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिलान्यास विधि – Shilaanyaasa Vidhi. Auspicious activity of the laying down of the foundation stone. मंदिर, मकान आदि को बनाने के प्रारम्भ में नींव के अन्दर मंत्रपूर्वक की जाने वाली एक धार्मिक विधि ” इसमें भूमि शोधन, पंचकुमार पूजन आदि के साथ-साथ पंचकलश, रजत स्वस्तिक, नवरत्न, सोना-चाँदी की ईंट तथा घृत दीपक आदि स्थापित…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निषेधिका – Nishedhikaa. Entering in the temple etc. places with the permission of the governing deities there. मन्दिर, वसतिका आदि स्थानों में प्रवेशके समय वहाँ से अधिष्ठाता देव से आज्ञा लेना अर्थात् ‘निःसही’ बोलते हुए प्रवेश करना “
गुणवर्म Name of a poet, the writer of ‘Pushpadant Puran’. पुष्पपदन्तपुराण के कर्ता , कर्नाटक के एक जैन कवि (ई.१२३०)।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शिखिकंठ – Shikhikantha. Name of the 6th predestined Pratinarayana. आगामी छटा प्रतिनारायण “