भीमसेन!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमसेन – Bhimasena. Name of an Acharya, one of the 5 Pandvas. आचार्य अभयसेन के शिष्य जिनसेन के गुरु एक आचार्य, ५ पांडवों में एक पांडव ” इन्हें भीम कहते हैं, इनके शरीर में बहुत बल था “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमसेन – Bhimasena. Name of an Acharya, one of the 5 Pandvas. आचार्य अभयसेन के शिष्य जिनसेन के गुरु एक आचार्य, ५ पांडवों में एक पांडव ” इन्हें भीम कहते हैं, इनके शरीर में बहुत बल था “
दक्ष Skilled one, expert, A king of Hari dynasty. कुशल, मुनिसुव्रतनाथ भगवान का पोता, हरिवंष का एक राजा। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बीसपंथ – Bisapamtha. Name of an ancient Digambar Jaina sect hav-ing tradition of worshipping the Lord with offer-ing flowers, fruits , food articles etc. दिगम्बर जैनधर्म में प्रचलित अभिषेक पूजा की प्राचीन पध्दति , इस पंथ को मानने वाले अनुयायी प्राचीन आगम परम्परानुसार भगवन का पंचामृत अभिषेक करते हैं , पूजन में…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखनिर्विष ऋद्धि–Mukhanirvisha Riddhi. A type of super natural power of making poisionless. जिस ऋद्धि के प्रभाव से उग्र विष से मिला हुआ आहार भी जिनके मुख में जाकर निर्विष हो जाता है अथवा जिनके मुख से निकले हुए वचन के सुनने मात्र से महाविष व्याप्त भी कोई व्यक्ति निर्विष हो जाता है”
उल्कापात The falling of a meteor . उल्कापिंड का टूट कर गिरना जो अजितनाथ आदि तीर्थंकारों के वैराग्य का कारण है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पभोसा (तीर्थ):Name of a pace of pilgrimage which is the institution & Omniscience place of the 6th Tirthankar (Jaina Lorde) Padmaprabh situated near Kaushambi (U.P) उत्तर प्रदेश में कौशम्बी के निकट बसा एक तीर्थ । छठे तीर्थकर भगवान पदमप्रभ की दीक्षा एवं केवलज्ञान कल्याणक भूमि । पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] म्लेच्छ खण्ड–Mlechha Khand. Particular parts of earth according to Jain Philosophy where Mlechha people live. म्लेच्छ मनुष्योंकी आवास भूमि”
आरण स्वर्ग Name of a heaven, its 2nd layer (Patal) & an aboding place. स्वर्ग का पन्द्रहवां कल्प, आरण स्वर्ग का द्वितीय पटल व इन्द्रक विमान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]