मध्यम स्वर!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम स्वर- Madhyama swara. The middle vocal tone. स्वर जो ह्र्दय देश में स्थित होता है ” गायन सम्बन्धी त्रिविध लयों में दूसरी लय “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम स्वर- Madhyama swara. The middle vocal tone. स्वर जो ह्र्दय देश में स्थित होता है ” गायन सम्बन्धी त्रिविध लयों में दूसरी लय “
उदयावली A smallest time unit related to fruition of Karmas. वर्तमान समय से लेकर आवली मात्र काल तक उदय आने योग्य कर्मों के निषेक।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समन्वय – Samanvaya. Mutual relations. पारस्परिक सम्बन्ध। भिन्न-भिन्न विषयों के अनेको विकल्पों का परस्पर समन्वयं।
चमरेन्द्र Name of an Indra. भवनवासी के असुरकुमार जाति के देवों का प्रथम इंद्र।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्य – Madhya. Name of a protecting deity of south & north Varunivar ocean, A country of Bharat Kshetra Aryakhand (region). दक्षिण व उत्तर वारूणीवर समुद्र का रक्षक देव , भरत क्षेत्र आर्यखंड का एक देश “
आराधना सार A book written by ‘Acharya Devsen’. आचार्य देवसेन (वि.990-1012) द्वारा रचित एक चतुर्विध आराधना विषयक ग्रन्थ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गौड़पाद Spiritual teacher of ‘Shankaracharya’ (a celebrated Hindu ascetic). शंकराचार्य के दादा गुरु . समय -ई. ७८० ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मद्यमयी- Madyamayi. A part of circumference of Sumeru mountain. सुमेरु पर्वत की परिधि के सात भागों में एक भाग “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लब्ध्यक्षर ज्ञान – पर्याय ज्ञान या सबसे जघन्य श्रुतज्ञान।इसे निरावरण ज्ञान भी कहते है यह सूक्ष्म निगोदिया लब्ध्यप्र्याप्तक जीव के उत्पन्न होने के पहले समय में होता है। Labdhyaksara Jnana-The lowest level of knowledge