तदुभय प्रतिक्रमण!
तदुभय प्रतिक्रमण Both self criticism and repentance done simulta- neously against faults. दोषों को दूर करने के लिए आलोचना और प्रतिक्रमण दोनों एक साथ करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तदुभय प्रतिक्रमण Both self criticism and repentance done simulta- neously against faults. दोषों को दूर करने के लिए आलोचना और प्रतिक्रमण दोनों एक साथ करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रबाहु – Vajrabaahu The son of Vidyadhar Vinami, A king of the stream of king Vasu. विद्याधर विनमि का पुत्र , इसकी बहिन सुभद्रा चक्रवर्ती भरत के 14 रत्नों में एक स्त्री रत्न थी , राजा वसु की परम्परा में राजा दीर्घबाहु का पुत्र “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिषेण – Nemishena. Disciple of Amitgati-1 and spiritual teacher of Madhavasen. अमितगति प्रथम के शिष्य तथा श्री माधवसेन के गुरु ” समय-ई.943-983 “
तनक The 2nd Patal (layer) of the 2nd hell. दूसरे नरक का द्वितीय पटल।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनातित – Vachanaatit: See – Vachanagocharaatita . देखें – वचनगोचरातित “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नृपनंदि – Nripanandi. Name of an Aacharya contemporary to king bhoj. राजा भोज के समकालीन एक आचार्य ” समय-ई. 1021-1055 “
जयंत(स्वर्ग) Name of a heavenly space craft (aboding place). एक अनुत्तर विमान , यह नव ग्रैवेयक के ऊपर स्थित है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाव अंतर – Bhava Anamta. To have knowledge of scriptures and involve- ment in it. अनन्त विषयक शास्त्र को जानना एंव वर्तमान में उसके उपयोग से उपयुक्त होना अथवा त्रिकाल जात अनंत पर्यायों से परिणत होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीलांजना – Neelaanjanaa. A dancing-girl at the court of Indra who caused worldly aversion to Rishabhdev. इन्द्र की अप्सरा; तीर्थंकर ऋषभदेव को वैराग्य उत्पन्न करने के लिए स्वर्ग से इन्द्रउ से लाया था “
तत्वविचार Analysis of doctrines of reality (related to matters). कर्मक्षय के निमित्ता रूप पदार्थों का विचार कर वस्तु स्वरूप समझना। [[श्रेणी:शब्दकोष]]