रौप्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रौप्य – चांदी। Raupya-Silver
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्री :Name of an auspicious article kept near the idol of Lord Arihant.जिन प्रतिमा के पास विद्यमान रहने वाले 108 उपकरणो मे से एक।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यशोदेव – यषास्तिलकचम्पू के कत्र्ता सोमदेव के दादा गूरू और नेमिदेव के गुरू। समय ई – 918 – 943। Yasodeva-The writer of Yashastilakchampu
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पाणितः पिंडपतन:An obstacle pertaining to saint food.आहार अंतराय का एक प्रकार।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राग लोकेषणा – षुभ कर्मो से पुण्य की चाह। Ragalokesana- longing for virtuous life by auspicious karmas
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रोम – शरीर के समस्त छिद्रो मे स्थित सूक्ष्म बाल।आदारिक षरीर में रोमो का प्रमाण 80,000,00 करोड है। Roma-Small hair in the pores in the body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पांड्यवाटक:Name of a mountain in the middle part of malayagiri.मलयगिरि के मध्यभाग मे एक पर्वत।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योषित – स्त्री, चक्रवर्ती के 14 रत्नो में एक रत्न। Yosita-A women one of the 14th Jewels of Chakravarti
द्रोणाचार्य The teacher of ‘Kauravas’ and ‘Pandavas’ and the father of ‘Ashvatthama’. कौरवों तथा पाण्डवों के गुरू तथा अश्वत्थामा के पिता। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]