भेद स्वभाव!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेद स्वभाव:Differentiation in nature, discriminative nature of matters. द्रव्योंके 11 सामान्य स्वभावों में एक स्वभाव ; गुण-गुणीआदिमेंसंज्ञा , लक्षण, प्रयोज़ंन की अपेक्षा भेद होने से भेद स्वभाव होताहै “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेद स्वभाव:Differentiation in nature, discriminative nature of matters. द्रव्योंके 11 सामान्य स्वभावों में एक स्वभाव ; गुण-गुणीआदिमेंसंज्ञा , लक्षण, प्रयोज़ंन की अपेक्षा भेद होने से भेद स्वभाव होताहै “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वीतराग सुख –VitaragaSukha. Supreme bliss. अनंत सुख ” शुधात्मा के दर्शन से प्राप्त जिनेश्वरों का सुख “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपात – Pratipaata. Fall, Counter – fall. गिरने का नाम प्रतिपात है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशालकीर्ति – Vishalakirti. Name of a Bhattarak of Nandi.Group, A disciple of pandit Ashadhar. नंदिसंघ बलात्कारगण नागौर गद्दी के एक भट्टरक, समय – वि. स. १६०१, पं. आशाधरजी के प्रधान शिष्य में एक शिष्य “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूतज्ञायक शरीर – Bhutagyaka Sarir. Left body of most learned one (after death). कर्मस्वरूप की जाने वाला जिस शरीर को छोड़ आया है वह भुतज्ञायक शरीर है इसके च्युत, च्यावित, त्यक्त ३ भेद हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुंडन क्रिया–Mundan Kriya. A type of auspicious and scared activity, head shaving. 12वी गर्भान्वय क्रिया; चौल कर्म–केशवाय कर्म” शिशु के मंत्रो आदि की विधि द्वारा सिर मुंडन कराना”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिमबाहू – Bhimabahu. The son of Dhratrashtra Gandhari. धृतराष्ट – गांधारी के दो पुत्रों में एक का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पगिरी – Puspagiri. A mountain situated in Bharat Kshetra in Arya Khand (region). एक पर्वत, भरत क्षेत्र आर्यखण्ड में स्थित एक पर्वत “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य गणधर– Mukhya Gandhar. Head of the chief of disciples of Lord. तीर्थंकर के प्रधान शिष्य, जो दिव्यध्वनी का सार दवादवाशांगश्रुत के रूप में जगत को प्रदान कटे है”