पारणा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारणा – Parana. To take food after the fast. उपवास के बाद दूसरे दिन किया जाने वाला भोजन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पारणा – Parana. To take food after the fast. उपवास के बाद दूसरे दिन किया जाने वाला भोजन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाक्षा वााणिज्य कर्म – लाख, चमडा आदि पदार्थ का व्यापार करना। Laksa Vanijya karma-Trade of sealing vax or shellac
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लेपाहार –Lepaahaar.: Natural grasping of nutrition for the development of body(i.e. air, natural light, water-taking by plants). आहार का एक भेद – एकेन्द्रिय वनस्पति आदि जीवों के द्वारा मिट्टी , पानी, हवा, प्रकाश के रूप में जो आहार ग्रहण किया जाता है , वह लेपाहार है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पापसंवर – Papasamvara. To become free from sins, cessation of sins. व्रतादि के द्वारा पाप से निवृत्ति प्राप्त करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पानकाहर- Panakahara. See- Panaka. देखें-पानक, यह आहार सल्लेखना के समय दिया जाता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवित्ति – Sanvitti. Consciousness, Intuition. ज्ञान, चेतना, अनुभव “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमकायिक– Yamkayik. A type of residential deities. भवनवासी आकाशोपन्न देव के 12 भेदो में से एक भेद”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लय – लीनता, तन्यमयता जो मुनि कल्पना के जाल को दूर करने अपने चैतन्य आनंन्दमय स्वरूप में लय को प्राप्त होता है वही निष्चयरत्नत्रय का स्थान होता है। Laya-Absolute engrossment
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पात्र अपात्र:Worthy & non-worthy donees.सम्यक्त्व, शील और व्रत से सहित जीव पात्र एवं इनसे रहित जीव अपात्र कहलाते है।