रूप!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रूप – आकार, मूर्तिक। Rupa-Appearance, Feature, Mode, Form
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लाक्षा वााणिज्य कर्म – लाख, चमडा आदि पदार्थ का व्यापार करना। Laksa Vanijya karma-Trade of sealing vax or shellac
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संवित्ति – Sanvitti. Consciousness, Intuition. ज्ञान, चेतना, अनुभव “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लय – लीनता, तन्यमयता जो मुनि कल्पना के जाल को दूर करने अपने चैतन्य आनंन्दमय स्वरूप में लय को प्राप्त होता है वही निष्चयरत्नत्रय का स्थान होता है। Laya-Absolute engrossment
ऋजुसूत्राभास Bauddha’s belief of momentariness (reg. internal and external thoughts of substances). एक मिथ्या नय, बहिरंग- अंतरंग दोनों द्रव्यों का सर्वथा अपलाप करने वाली क्षणिकवादी बौंद्धदों की मान्यता क्योंकि उनकी मान्यतायें प्रतीति-प्रमाण से बाधित है।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उद्दिष्ट Intended, Purposeful, With motive. जिसका विचार किया हो उद्देश्य बंधा हो नियत की हुई हो।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्ष – Saapeksa. Relative, comparative. परस्पर निर्भर, अपेक्षा या विवक्षा ।
ऋद्धिमद Pride of possessing supernatural power. ऋद्धि प्राप्त होने पर गर्व करना या दूसरे साधुओं की अपेक्षा अपना बड़प्पन मानना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आलुंच्छन A form of self criticism. आलोचना के 4 स्वरूपों में एक भेद- कर्मरूपी वृक्ष का मूल छेदने में समर्थ ऐसा समभावरूप स्वाधीन निज परिणाम।[[श्रेणी:शब्दकोष]]