यथाख्यात चारित्र!
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात चारित्र–Yathakhyata Charitra. Perfect Conduct. वीतराग भाव, कषायोकेसवर्था अभाव से प्रादुर्भूत आत्मा की शुधि विशेष को यथाख्यात चारित्र कहते है” यह 11वे, 12वे, गुणस्थान में होता है”
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाख्यात चारित्र–Yathakhyata Charitra. Perfect Conduct. वीतराग भाव, कषायोकेसवर्था अभाव से प्रादुर्भूत आत्मा की शुधि विशेष को यथाख्यात चारित्र कहते है” यह 11वे, 12वे, गुणस्थान में होता है”
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पणय: Fungus, Mould. काई या कांजी आदि के ऊपर लगी हुई फफुदी पणय है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैस्रसिकी क्रिया –Vaisrasiki Kriya. Natural activities or changes i.e. cloud thundering etc. मेघ आदि की स्वाभविक क्रिया वैस्रसिकी क्रिया हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यंत्र– Yantra. Auspicious mystical diagrams or verses, Machine. कुछविशिष्ट प्रकार के अक्षर, शब्द या मन्त्र जो विभिन्न रेखाक्रतियां बनाकर उसमे चित्रित किये जाते है” पूजा, प्रतिष्ठा, विधान आदि में इनका प्रयोग किया जाता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पकोटि : Count of a number, (10,000,000)२ एक संख्या प्रमाण (10,000,000)२
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मृत्युभय–Mratyubhay. The fear of death. सात भयो में एक भय; मरने से डरना”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाहिनी – Vaahinii.: A part of an army containing 81 chariots, 81 elephants 405 horses, 405 Pyade(foot – soldier). सेना का एक अंग,तीन गुल्म सेना का एक दल “इसमें 81 रथ ,81हाथी ,405 प्यादे तथा 405 घोड़े रहते है “
एकरात्रिप्रतिमा (योग) One night representation (an austerity in cremation ground). तीन उपवास करने के बाद चैथी रात्रि में शमशान में विधिवत् कायोत्सर्ग करते हुए सूर्योदय होने तक वहीं पर स्थित रहना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पेय – Peya. Drinkable substances liquids. पीने योग्य दूध, पानी आदि पतले द्रव्य “