द्रव्य प्रत्याख्यान!
द्रव्य प्रत्याख्यान Resolution for the renunciation of non-acceptable matters. अयोग्य आहार, उपकरण वगैरह पदार्थों को ग्रहण नहीं करूँगा ऐसा संकल्प करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्रव्य प्रत्याख्यान Resolution for the renunciation of non-acceptable matters. अयोग्य आहार, उपकरण वगैरह पदार्थों को ग्रहण नहीं करूँगा ऐसा संकल्प करना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बासी भोजन – BasiBhojana. Stale food. एक दिन पहले का बना हुआ भोजन “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भवसिद्ध – Bhavasiddha. Most virtuous and worthy being, who can attain salvation. भव्य; जो जीव सिद्ध पद की प्राप्ति के योग्य हैं उन्हें भवसिद्ध कहते हैं “
द्रव्य निबंधन Binding of two matters. जो द्रव्य जिन द्रव्यों का आश्रय करके परिणमन करता है , अथवा जिस द्रव्य का स्वभाव द्रव्यान्तर से प्रतिबद्ध है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म शरीर नामकर्म पकृति – Sukshma Shareera Naamakarma Prakrti. Physique making Karmic nature causing micro body or one-sensed beings. जिसके उदय से सूक्ष्म एकेन्द्रियों में जन्म होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिटारे – Pitare. A type of heavenly baskets (containing ornaments & jewels for Tirthankars) related to the Manstambha of Saudharma heaven. सौधर्म स्वर्ग के मानस्तंभों में रत्नों की सांकल में लटके पिटारे कहलाते हैं जिनमें से देवगण तीर्थंकरों के लिए भोजन, वस्त्र, आभूषण आदि लाते हैं “
द्रव्य इंद्रिय Physical senses (for touch, taste, smell etc.) स्पर्शन, रसन, घ्राण, चक्षु और श्रोत ये 5 द्रव्य इंद्रियाँ होती हैं ।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सूक्ष्म – Sukshma. Micro particles or organism (invisible). जे इन्द्रियो के गोचर न हो ऐसे स्कंध जैसे कार्मण वर्गंणाआदि , एकेन्द्रिय जीवों के सूक्ष्म और बादर इन दो भेदों में प्रथम भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पिंगल – Pingala. One of the 9 treasures of Chakravarti (emperor), A king of Yadu dynasty. चक्रवर्ती की नव निधियों में दिव्याभरण उत्पन्न करने वाली एक निधि, यदु (यादव) वंश का एक राजा “
द्योत्यद्योतक भाव A relation between one enlightening and enlightened one. संबंध का एक भेद- प्रकाशित होने वाला पदार्थ द्योत कहलाता है।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]