भुजवर द्वीप – सागर!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजवर द्वीप – सागर – Bhujavara Dvipa Sagara. Name of an island and ocean of middle uni-verse. मध्यलोक में स्थित एक द्वीप व समुद्र का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजवर द्वीप – सागर – Bhujavara Dvipa Sagara. Name of an island and ocean of middle uni-verse. मध्यलोक में स्थित एक द्वीप व समुद्र का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सप्त ऋषि – Sapta Risi. Group of 7 particular saints, who were real brothers. चारण ऋद्विधारी 7 विषेष मुति-सुरमन्यु, श्रीमन्यु, श्रीनिचय, सर्वसुन्दर, जयवान्, विनयलालस और जयमित्र। उत्तम तप के कारण सातो भाई सप्त ऋषि कहलाये। इनके प्रभाव से मथुरा नगरी मे चमरेन्द्र यक्ष द्वारा प्रसारित महामारी रोग नष्ट हुआ था।
गुरुपरंपरा Tradition of Spiritual Teachers (Acharyas). आचार्य परमपरा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकलचारित्र – Sakalachaaritra. Conduct devoid of all attachments & possessions. समस्त प्रकार के परिग्रह से रहित होकर 5 महाव्रतों को धारण करना सकल चारित्र है, यह मुनियों के होता है “
गौरव Eminence, Grandeur, Dignity. महत्त्व, बड़प्पन,सम्मान, अतिचार का एक भेद , वंदना का एक अतिचार ; भोजन उपकरण आदि की चाह से करना ऋद्धि गौरव दोष है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[श्रेणी:शब्दकोष ]] == काल : == स्पर्शरसगन्धवर्णव्यतिरिक्तम् अगुरुलघुकसंयुक्तम्। वर्तनलक्षणकलितं कालस्वरूपम् इदं भवति।। —समणसुत्त : ६३७ स्पर्श, गन्ध, रस और रूप से रहित, अगुरु—लघु गुण से युक्त तथा वर्तना लक्षण वाला काल द्रव्य है। जीवानां पुद्गलानां भवन्ति परिवर्तनानि विविधानि। एतेषां पर्याया वर्तन्ते मुख्यकाल आधारे।। —समणसुत्त : ६३८ जीवों और पुद्गलों में नित्य होने…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मस्वरुप – Suddhaatmasavroopa. The absolute form of soul, A synonym word for Mokshmarg (path of salvation). शुद्ध आत्मा का स्वरुप, मोक्ष मार्ग या निर्विकल्प समाधि का अपरनाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंत्रसामर्थ्य: Power of mystical words or verses. मंत्र की शक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विजयार्धगिरि – Vijayaardha Giri.: A great & beautiful silvery mountain in the middle of Bharat Kshetra (region). भरतक्षेत्र के मध्य स्थित एक रमणीक पर्वत ,यह 25 योजन ऊँचा ,50 योजन चौड़ा और सवा छः योजन गहरा चांदी के सामान है “जम्बूद्वीप में विदेह क्षेत्र सम्बन्धी 32 तथा भरत –ऐरावत क्षेत्र का एक – एक…