राजकथा!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजकथा – विकथा के 25 भेदो मे से एक भेद, राजाओं एवे उनकी राजव्यवस्था आदि से सम्बन्धित चर्चा करना। Rajakatha-Gossip pertaining to King & kingdom
[[श्रेणी:शब्दकोष]] राजकथा – विकथा के 25 भेदो मे से एक भेद, राजाओं एवे उनकी राजव्यवस्था आदि से सम्बन्धित चर्चा करना। Rajakatha-Gossip pertaining to King & kingdom
चारित्रपाहुड़ A book written by Acharya Kundkund. आचार्य कुन्दकुन्द (ई. १२७-१२९) द्वारा रचित एक ग्रन्थ ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यम पारीषद् – Madhyam paarishad. A type of council of deities. देवों के परिषद् (सभा) के तीन भेदों में एक भेद ; इसे चंदा नाम से जाना जाता है , इसमें बहुधा अन्तःपुर के महत्तर होतें है जो बेंतरूपीलता को हाथ में ग्रहण करके कंचुकी की पोषाक पहने हुए हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगशल्य – षल्य का एक भेद, असंयम में प्रवृत्ति होना। Yogasalya-uncontrolled conduct (A type of Sting)
ग्रैवेयिक स्तूप A special structure of Samavasharan-holy assembly of Lord. ग्रैवेयिक विमान के आकार का समावशरण का स्तूप ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समता परिणाम – Samataa Parinaama. Harmonious or equnimous, temperaments. माघ्यस्थ भाव। अपने आत्मा मे तथा सर्व जीवो मे समभाव अर्थात् समता परिणाम होना।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रैन मंजुशा – हंसद्वीप के राजा कनककेतू की पुत्री का नाम। सहस्त्रकूट चैत्यालय के कपाट खोलने से श्रीपाल से विवाही गई थी। Raina Manjusa-The daughter of king Kanakaketu of Hansdvip (island)
दर्शन – ज्ञान-चारित्र Three jewels of Jainas (Right faith, Right knowledge & Right conduct ). रत्नत्रय सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यग्चारित्र इन तीनों गुणों को रत्नत्रय कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नराशि – चमकते हुए रत्नो का ढेर जो कि तीर्थकर की माता को 15 स्वप्न के रूप् मे दिखाई देते है जिसका अर्थ पुत्र गुणों की खान होगा। Ratnarasi- Sparkling jewels (the 15th dream mark of lord’s mother)