दत्ति!
दत्ति Four types of Donation. दान, इसके 4 भेद हैं – दयादत्ति, पात्रदत्ति , समदत्ति , अन्वय दत्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
दत्ति Four types of Donation. दान, इसके 4 भेद हैं – दयादत्ति, पात्रदत्ति , समदत्ति , अन्वय दत्ति। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिलक्षणत्व Substances having three factors (origination, destruction and continuity). द्रव्य जो उत्पाद , व्यय, ध्रौव्य तीन लक्षणात्मक होते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपत्तिसमास – pratipattisamaasa. A type of scriptual knowledge (Shrutgyan). श्रुताज्ञान के 20 भेदों में एक भेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिक्षण विनाशीभाव – Pratikshana Vinaasheebhaava. Perishing momentarily (reg. Paryay). पर्याय, जो प्रतिक्षण नष्ट होती रहती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पसेन – Puspasena. Name of a Digambar Acharya, the preceptor of Vadeebh Singh, Name of a poet. एक दिगम्बर आचार्य (ई. ७२०-७८०) एवं छत्रचूड़ामणि के कर्ता वादीभ सिंह के गुरु, कवि; द्विसंधान, सप्तसंधान काव्य टीका के कर्ता “
तृषा Thirst (controlling thirst is an affliction). प्यास , 22 परीषहों में एक परीषहों में एक परीषह। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्पगंधी – Puspagamdhi. Name of the chief female divinity of peripatetic Indra Atikay. महोरग जाति के व्यंतरो के इन्द्र अतिकाय की वल्लभिका देवी “
तुलसीदास A great personality of India, who wrote Ramayana. रामायण के रचियता (वि. 1680)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषार्थसिध्दयुपाय – Purusarthasiddhayupaya. A book written by Acharya Amritchandra. आचार्य अमृतचन्द्र (ई. ९०५-९५५) द्वारा रचित एक श्रावकाचार एवं अहिंसा की विशेष व्याख्या करने वाला संस्कृत ग्रंथ, यह श्रावक एवं साधुओं द्वारा अवश्य पठनीय है “