विराग!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराग – Viraga. Aversion from the worldly attachments, Indif-ferent. विरक्त होने का नाम विराग है ” सांसारिक वासनाओं के प्रति उदासीनता, राग से मुक्ति “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विराग – Viraga. Aversion from the worldly attachments, Indif-ferent. विरक्त होने का नाम विराग है ” सांसारिक वासनाओं के प्रति उदासीनता, राग से मुक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचमकाल – Panchamkaala. Fifth regressive period of half universal cycle (Avasarpini kal). अवसर्पिणी का पंचम दुखमा काल, जिसमें तीर्थंकर आदि विशिष्ठ पुण्यात्माओं का जन्म नहीं होता “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विवर – Vivara. The opening, cracks, holes, The big holes in the bottom of Lavan ocean celled as patal (Lower world). दरार, छिद्र, अंतराल, स्थान, अवकाश, लवण, समुद्र की तली में स्थित बड़े –बड़े खड, जिन्हें पाताल भी कहते हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वाइम – Vaaima.: A type of knitted material (as clothes,filter articles etc.) द्रव्य निक्षेप का एक भेद “बुनने रूप क्रिया से सिद्ध हुए सूप ,चालनी ,कम्बल ,वस्त्र आदि द्रव्य “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मचारी – Brahmacari. A celibate. ब्रह्मचर्य व्रत को परिपूर्ण रूप से पालन करने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वसुनंदि श्रावकाचार– Vasunandi Shraavakaachaara.: Name of a treatise written by Acharya Vasunandi. आचार्य वसुनंदि (ई. 1068 – 1118) कृत प्राकृत गाथाबद्ध ग्रन्थ”
उष्णाष स्तम्भ Three and a half crores. घर का शिखर या चोटी का पत्थर।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावकाय – Bhava Kaya. Renouncement of bodily attachment. गुप्ती; कायगत ममता रूप परिणाम का त्याग करना भावकाय गुप्ती है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वशार्तमरण – Vashaartamaran.: A kind of death of one under all worldly panic desires. आर्त्त रौद्र ध्यान सहित मरण ” यह 4 प्रकार का है – इन्द्रियवशार्त, वेदनावशार्त, कषायवशार्त और नोकषायवशार्त “