घातकृष्टि!
घातकृष्टि An evil thought of harming someone in next birth. जिन कृष्टियों का नाश किया हो , उन्हें घातकृष्टि कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
घातकृष्टि An evil thought of harming someone in next birth. जिन कृष्टियों का नाश किया हो , उन्हें घातकृष्टि कहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समनस्क – Samanaska. Conscious one, talented. संज्ञी। मन वाले जीव जो शिक्षा संकेत आदि ग्रहण कर सकें।
चरमफालि पतन काल Last decaying time (reg. Karmic matter). कर्म के द्रव्य की अंतिम फालि की नीचे के निषेकों में मिलाने का अंतिम समय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मध्यंक्रश भाषा- Madhyamkrsha Bhaasha. Heart pinching language. हड्डी में भी छेद कर दे ऐसी. भाषा मध्यंक्रश भाषा है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमकगिरी–Yamakgiri. See – Yamak. देखे–यमक” गोल, उचाई 1000 योजन, नीचे की चौड़ाई 1000योजन, ऊपर की चौड़ाई 500 योजन” इन पर इसी नाम के धारक देव रहते है”
गोष्ठ Cow pen, byre. गोशाला;ल्वास्तुविद्या का एक महत्वपूर्ण अंग ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == स्नेह : == नियलेहि पुरिओ च्चिय वच्चइ पुरितो जहिच्छियं देसं। एक्कं पि अंगुलमिणं, न जाइ घणनेह—पडिबद्धो।। —पउमचरिउ : ५६९ जंजीरों से बंधा हुआ मनुष्य इच्छानुसार देश में जा सकता है, पर घने स्नेह से जकड़ा हुआ मनुष्य एक अंगुल भी नहीं जा सकता।
चक्रपूजा Worshipping of the wheel before starting world conquering by a Chakravarti (emperor). चक्रवर्तियों द्वारा दिग्विजय के शुभारंभ में की जाने वाली चक्र की पूजा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मति – Mati. Instinct, Intellect, sensual understanding, perceptive knowledge. बुद्धि, इन्द्रिय और मन के द्वारा यथायोग्य पदार्थ जिसके द्वारा मनन किये जाते हैं, यह मननमात्र ही मति कहलाता है”