देवमंत्री!
देवमंत्री Ruling deity of 6th Lunar ‘Pushya’. छठवें नक्षत्र ‘पुष्य’ के अधिपति देवता का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
देवमंत्री Ruling deity of 6th Lunar ‘Pushya’. छठवें नक्षत्र ‘पुष्य’ के अधिपति देवता का नाम।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाषा बल – Bhasha Bala. Power of speech. १० प्राणों में एक प्राण, वचन बल “
एक जीव-नानाअजीव कर्म A type of division of karma. कर्म के समवदान आदि भेदों में एक भेद।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] यषोधचरित्र – वादिराज द्वि ई 1010 – 1065 कृत, कवि पùनाथ ई 1405 – 1425 कृत, सकलकीर्ति ई 1406 – 1442 आदि विद्वानो द्वारा इस विशय के कइ ग्रन्थ रचे गए है। Yasodharacaritra-A character portrayal by many writers
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पूर्वापर अविरोध – Purvapara Avirodha. State devoid of mutual contradiction. परस्पर विरोध से रहित होना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सापेक्षता – Saapeksata. Relativity. अनेकांत । धर्मो को कथंचित परस्पर में सापेक्ष ग्रहण करना ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रत्नपुरी तीर्थ – तीर्थकर घर्मनाथ भगवान की जन्मनगरी का नाम, ये वर्तमात में उ प्र के फैजाबाद जिले में स्थित है।सती मनोवती की गजमोती चढाकर जिनेन्द्र भगवान के दर्षन करने की प्रतिज्ञा यही पूर्ण हुयी थी। इसे रौनाही के नाम से भी जाना जाता है। Ratnapuri(Tirtha)-Name of a place of pilgrimage, The birth place…
[[श्रेणी: शब्दकोष]] परमेष्ठीसहाय :A book written by a Hindi poet.ई0 श0 19 के मध्यपाद में एक हिन्दी कवि कृत ग्रंथ”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्षणाभास – मिथ्या अर्थात सदोश लक्षण। Laksanabhasa-faulty characteristics (A fallacy)