षड्ज!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्ज – Sadja. One of the 7 notes or tons of music. संगीत के सप्त स्वरों में एक स्वर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्ज – Sadja. One of the 7 notes or tons of music. संगीत के सप्त स्वरों में एक स्वर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षट्कारक – Satkaaraka. Six kinds of cases (of grammar). कर्ता, कर्म, करण,सम्प्रदान,अपादान और अधिकरण “
दुर्भग नामकर्म प्रकृति A Karmic nature pertaining to unfortune (reg. awkward body). दुर्भाग्य से संबधित एक कर्म प्रकृति, जिसके उदय से बेडौल , कुरूप शरीर प्रापत होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] स्वेतवाहन – Shvetavaahana. A king of Champanagri (a city) who got omniscience. चम्पानगरी का राजा, दीक्षा धारण कर केवलज्ञान प्राप्त किया “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रासाद- महल, र्इटों और पत्थरों के बने हुए आवासों को प्रासाद कहते है। Prasada- Palace, a palatial building
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य तप: कर्म – Bahya Tapah Karma. A type of penance or austerity (external). तप: कर्म का एक उपभेद “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रेयोविधा – Shreyovidhaa. Name of a treatise written by Acharya Abhayanandi Ji of Nandi group. नंदिसंघ देशीयगण के आचार्य अभयनंदि द्वारा रचित अनेक कृतियों में एक कृति, समय – ई. 930-950 “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रारब्ध योगी- शुद्धात्मा भावना के प्रारम्भक और सूक्ष्म सविकल्प अवस्था में सिथत पुरुश। Prarabdha yogi- One engrossed in meditation inabsolutely
[[श्रेणी:शब्दकोष]] श्रुतसागर – Shrutasaagara. Name of a saint in the group of Akampanacharya, Name of a Bhattarak of Nandi group, also name of the disciple of Acharya Shri Kunthusagar Maharaj. अकम्पनाचार्य के संघस्थ एक मुनि; इन्होने राजा श्रीधर्मा के मंत्रियो से शास्त्रार्थ कर उन्हें पराजित किया था ” नंदीसंघ बलात्कार गण में भट्टारक विद्यानंदि-2 के…
त्रसलोक Name of a particular universe (middle universe). सुमेरू पर्वत के मूल से एक राजू लम्बे चैडे क्षेत्र में तिर्यक् त्रसलोक स्थित है, इसे मध्यलोक भी कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]