चान्द्रीचर्या!
चान्द्रीचर्या Procedure of food taking of a Jain saints without any partiality in devotees. मुनि की आहारचर्या ;चन्द्रमा की चांदनी के समान मुनि आहार के लिए धनिक -निर्धन सभी के घर जाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चान्द्रीचर्या Procedure of food taking of a Jain saints without any partiality in devotees. मुनि की आहारचर्या ;चन्द्रमा की चांदनी के समान मुनि आहार के लिए धनिक -निर्धन सभी के घर जाते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समाय – Samaaya. Involvement of soul in passionless equanimous status. सम का अर्थ राग द्वेष रहित मध्यस्थ आत्मा है। उसमे आय अर्थात् उपयोग की प्रवृत्ति यह समाय है। वह समाय ही जिसका प्रयोजन है, उसे सामायिक कहते है।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] बाह्य तप: कर्म – Bahya Tapah Karma. A type of penance or austerity (external). तप: कर्म का एक उपभेद “
चरक A type of low caste (Mlechchha) people. म्लेच्छ जाति का उपभेद , ये वन में रहते हैं ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
चर्मण्वती A river of Bharat Kshetra in Arya Khand. भरतक्षेत्र आर्यखण्ड की एक नदी ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समान्तर श्रेणी – Samaantara Srenee. Arithmetical progression, a mathematical series of numbers having common difference. संख्याओ की एक गणितीय श्रेणी जो समान अन्तर से बढती या धटती है।
त्रसलोक Name of a particular universe (middle universe). सुमेरू पर्वत के मूल से एक राजू लम्बे चैडे क्षेत्र में तिर्यक् त्रसलोक स्थित है, इसे मध्यलोक भी कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्तविकार Agitation of mind. भाव अर्थात् चित्त में विकार उत्पन्न होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
देशप्रत्यासत्ति A cause of bonding or co-relation of two matters or elements. संयोग का एक भेद ; दो द्रव्यों के अवयवों का सम्बद्ध रहना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ भावना – Shubha Bhaavnaa. Meritorious sentiments. धर्म ध्यान के योग्य परिणाम ” या 12 भावना या 10 धर्म आदि का चिंतन करना “