समुत्पत्ति!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्पत्ति – Samutpatti. Birth, origin, creation. मूल, पैदावार।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] समुत्पत्ति – Samutpatti. Birth, origin, creation. मूल, पैदावार।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पक्षाभास: Fallacious arguments. मित्याप्रक्ष -इष्ट, असक्ष् िऔर अबाधित इन विषेषणो से विपरीत अनिष्ट, सि़द्व व बाधित पक्षाभास है।
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुमुक्षु–Mumukshu. Those desirous of salvation or liberation. मोक्ष की इच्छा करने वाले भव्य जीव” समयसार में निर्ग्रन्थ दिगंबर मुनिओ को मुमुक्षु कहा है”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == संवर : == सर्वभूतात्मभूतस्य, सम्यक् भूतानि पश्यत:। पिहितास्रवस्य दान्तस्य, पापं कर्म न बध्यते।। —समणसुत्त : ६०७ जो समस्त प्राणियों को आत्मवत् देखता है और जिसने कर्मास्रव के सारे द्वार बंद कर दिए हैं उस संयमी को पापकर्म का बंध नहीं होता। तपसा चैव न मोक्ष:, संवरहीनस्य भवति जिनवचने।…
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भूगोल – Bhugola. Geography. जैनाभीमत में मध्यलोक- जंबुद्वीप आदि ब्रह्रांड का वर्णन विषय भूगोल में है “
चक्रवान् A city in the south of Vijayardh mountain. विजयार्ध पर्वत की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यथाजातरूपधर–Yathajaatrupadhar. One having natural form without any worldly attachment. व्यवहार से नगन्पने एवं निश्चय से जो आत्मा का स्वरुप है उसे जोधारणकरता है”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विषयसंरक्षणानंद – Vishayasamraksananamda. Intense passionate attachment. एक प्रकार का रौदृ ध्यान, परिग्रह व इन्द्रिय भोग के पदार्थों की रक्षा में मोह करते रहना चौथा रौदृध्यान हैं “
चित्रभवन Name of the residence and the cave of Kuber in Nandanvan (a forest) of ‘Sumeru’ mountain. सुमेरू पर्वत के नंदन आदि वनों में स्थित कुवर का भवन व गुफा ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
त्रिकाल चैबीसी व्रत A type of vows to be observed for particular 72 days in reverence to 72 Tirthankars of past, present & future time. जंबूद्वीप के भरतक्षेत्र के भूतकालीन, वर्तमान कालीन एंव भविश्यकालीन ऐसे तीन चैबीसी के 72 व्रत। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]