त्रिखंड!
त्रिखंड A particular triangular sequence of the fruition of Karmas. तीन म्लेच्छखण्डों को त्रिखण्ड कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
त्रिखंड A particular triangular sequence of the fruition of Karmas. तीन म्लेच्छखण्डों को त्रिखण्ड कहते हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुख्य धर्मध्यान – Mukhya Dharmdhyan. A type of righteous meditation; mental, meta–physical involvement. धर्मध्यान के दो भेदो (मुख्यऔर उपचार) में एक भेद; आध्यात्मिकता की और मन को एकाग्र करना” इसे निश्चय धयन भी कहते है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वार्थ – Sarvaartha. The great grand father of Lord Mahavira, One of the 14 earth under Chitra earth. भगवान महावीर के बाबा , चित्रा पृथिवी के नीचे चौदह अन्य पृथिवीयों में 12 वी पृथिवी ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाभांत – Nabhamta A city in the south of Vijayardh mountain विजयार्ध की दक्षिण श्रेणी का एक नगर ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == विवेक : == नो छादयेन्नापि च लूषयेद् , मानं न सेवेत प्रकाशनं च। न चापि प्राज्ञ: परिहासं कुर्यात् , न चाप्याशीर्वादं व्यागृणीयात्।। —समणसुत्त : २३९ (अमूढ़दृष्टि या विवेकी) किसी के प्रश्न का उत्तर देते समय न तो शास्त्र के अर्थ को छिपाए और न अपसिद्धान्त के द्वारा शास्त्र…
छर्दि Vomiting, an obstacle of saint-food. साधु संबंधी अन्तराय का एक भेद ; वसन हो जाना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
टीका Commentary, Explanation, Exposition. व्याक्ष्या, विशद व्याख्यान।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागास्त्र – Nagastra A type of armament in the form of snake. नागरुप एक अस्त्र, इसे नष्ट करने के लिए गरुड़ अस्त्र का प्रयोग किया जाता है ”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजगार बंध – Bhujagara Bandha. Binding of Karma increasingly. जहां पहले थोड़ी कर्म प्रक्रति का बंध होता था फिर अधिक – अधिक बंध हो वह भुजगार बंध है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वरत्न – Sarvaratna. Name of sumits situated at Manushottar and Ruchak mountain. मानुषोत्तर व रूचक पर्वत पर स्थित एक-एक कूट ।