भावाभाव!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभाव – Bhavavhava. Absence of something in future. वर्तमान स्थूल अवस्था का आगामी में अभाव करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावाभाव – Bhavavhava. Absence of something in future. वर्तमान स्थूल अवस्था का आगामी में अभाव करना “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिवासुदेव – Prativaasudeva. Another name of Pratinarayana. प्रतिनारायण का अपरनाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पर उपकार Beneficence for others.हमारे द्वारा किया गया ऐसा कार्य जिसका फल दूसरे को प्राप्त हो ।
[[श्रेणी : शब्दकोष]] प्रगणना – Praganana. A disquisition door, mathematical measure study. एक अनुयोगद्वार; यह स्थिति बंध के कारणभूत स्थिति बन्धाध्यवसाय स्थानों के प्रमाण की प्ररूपणा करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिमायोगी मुनिक्रिया – Pratimaayogee Munikriyaa. A type of procedural devotional prayer to be observed by saints involved in deep meditation. कृतिकर्म; सिद्धभक्ति, योगभक्ति, शान्ति भक्तिपूर्वक प्रतिमायोग में रत मुनियों की वंदना करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भाववचन – Bhavavachan. Volitional speech. वचन; जो वीर्यान्तराय और मतिज्ञानावरण तथा श्रुतज्ञानावरण कर्मों के क्षयोपशम और अंगोपांग नामकर्म के निमित्त से होता है ” यह पौद्गलिक होता है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भैंससम:A type of listener who grasps less. श्रोता का एक प्रकार; जैसे भैंसा थोडा सा पानी पीकर बाकी सारा पानी गंदा कर देता है उसी तरह अल्प ग्रहण करने वाले श्रोता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संविद् – Sanvid. Knowledge obtained by right method, the perceptive knowledge. जिससे यथार्थ रीति से वस्तु का ज्ञान हो उस ज्ञान को संविद् कहते हैं “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यमलीक–Yamaliik. Name of an omniscient personality in the assembly of Lord Mahavira. भगवान् महावीर के तीर्थ में हुए एक अन्कृत केवली”