नैमित्तिक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैमित्तिक – Naimittika. Causal knowledge, gained due to some special reason. किसी विशेष कारण या निमित्त से उत्पन्न कार्य या ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नैमित्तिक – Naimittika. Causal knowledge, gained due to some special reason. किसी विशेष कारण या निमित्त से उत्पन्न कार्य या ज्ञान “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वज्रदंड –Vajradand The symbol of Lord Dharmanath. भगवान धर्मनाथ का चिन्ह “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नेमिदत्त – Nemidatta. A celibate who wrote ‘Aradhana Kathkosh’ and many other books, the deciple of Bhattarak Mallibhushan. नंदिसंघ बलात्कारगण सूरत शाखा के एक भट्टारक मल्लिभूषण के शिष्य (समय- ई.श.16) ” एक ब्रह्मचारी-नेमिनाथ पुराण, आराधना कथाकोष, धन्यकुमार चरित्र, धर्मोंपदेशपीयूषवर्ष श्रावकाचार आदि के कर्ता “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शीतपरीषह – Sheetapareeshaha. Affliction of cold (to be endured by the saints). मुनियों के 22 परीषहों में एक परिषह, शीत वेदना को समतापूर्वक सहन करना शीत परीषहजय है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नीरस आहार – Neeras Aahaara. Tasteless food. स्वाद रहित अर्थात् रस आदि से रहित भोजन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचनबल ऋद्धि – Vachanbala Riddhi.: A type of super natural power of speech. बल ऋद्धि का एक भेद; जिसके प्रभाव से साधु श्रमरहित होता हुआ एक मुहर्त काल में द्वादशांग को जानता व उसका उच्चारण करता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निसर्गज – Nisargaja. Independent perception of right faith (Samyakdarshana). सम्यग्दर्शन का एक भेद; जो पर के उपदेश के बिना सहज उत्पन्न होता है” इसके चार कारण है- जाति स्मरण, वेदना अनुभव, जिनबिम्बदर्शन अथवा देवर्द्धि दर्शन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वचन (अभूतोद्भावन) – Vachan (Abhuutodbhaavana).: A type of false speech (to say existence of non existent things). असत्य वचन के 4 भेदों में दूसरा भेद; जो नहीं है उसको है कहना ” जैसे – देवों की अकाल मृत्यु नहीं है फिर भी उनकी अकाल मृत्यु बताना “