रघु!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रघु – इक्ष्वाकु वंष में अयोध्या नगरी के राजा। अनरण्य का पिता और दषरथ का दादा। Raghu-A king of Ayodhya city of Ikshvaku Dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रघु – इक्ष्वाकु वंष में अयोध्या नगरी के राजा। अनरण्य का पिता और दषरथ का दादा। Raghu-A king of Ayodhya city of Ikshvaku Dynasty
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सहवर्ती – Sahavartee. Co-existing one. द्रव्य गुण सहवर्ती और पर्यायें क्रमवर्ती होती है। देखे – सहभूत ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संस्थान विचय – Sansthaana Vichaya. A type of religious contemplation about different dimensions of Teen Lok- three worlds. धर्मध्यान का चौथा भेद ” तीन लोक के संस्थान प्रमाण, भेद आदि का चिंतन करना ” इसके पिंडस्थ, पदस्थ, रूपस्थ और रूपातीत ये 4 भेद हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सचित्त त्याग प्रतिमा – Sachitta Tyaaga Pratimaa. The 5th model stage of spiritual development of lay follower related to the renunciation of raw vegetation (without making pieces of it) etc. श्रावक की 11 प्रतिमाओं में 5वीं प्रतिमा; कच्चे फल-फूल , बीज, पत्ते, आदि नही खाना, इन्हें छिन्न-भिन्न करके, लवण आदि मिलाकर या गरम आदि…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रदोषिकी क्रिया- आस्त्रव की एक क्रिया; क्रोध के आवेषा से अथवा दुश्ट मन-वचन-काय से होने वाली क्रिया। PradosikiKriya- Enraging activity; Faulty coduct of mind, speech & body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लक्षण निमित्तज्ञान – अश्टांग निमित ज्ञान का छठा अंग, षारिरिक चिन्ह देखकर मनुश्य के ऐष्वर्य व दरिद्री आदि का ज्ञान होना। Laksana Nimittajnana-A type of knowledge gained through different marks of the body
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राणातिपात- प्राणासे प्राणियों का वियोग करना। अथवा मन, वचन, काय की हिंसापूर्ण प्रवृŸिा। Pranatipata- Killing, Violenceful activities
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भिन्न – Bhima. Fraction, Separate, Distinct, Different. प्रथक्, विभक्त , इतर “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्राकार – जिनगृह आदि की रक्षाके लिए पाश्र्व में बनायी गई भीतों (दीव्रालों) को प्राकार कहते है। प्राकार Prakara- Enclosing wall, Boundary