रसायिक!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायिक – रस आसव आदि में उत्पन्न होने वाले जीव। Rasayika-Micro beings taking birth in impure liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रसायिक – रस आसव आदि में उत्पन्न होने वाले जीव। Rasayika-Micro beings taking birth in impure liquids
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुष्प – Puspa. Flowers, an article for worshipping Lord Arihant. फूल- चंपा, चमेली, गुलाब आदि. भगवान की पूजन में प्रयुक्त अष्ट द्रव्यों में एक द्रव्य “
उदराग्नि Fire of hunger, an affiliction to be beared by Jaina saints. क्षुधा की बाधा क्रोध काम उदर इन तीन अग्नियों में तीसरी अग्नि इसमें मुनिजन अनशन की आहुति देकर आत्मयज्ञ करते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुषाकार – Purusakara. A particular standing posture of male (shape of Teen Lok). तीन लोक का आकार पुरुषाकार कहलाता है (दोनों पैर फैलाकर दोनों हाथों को कमर पर रखकर खड़े पुरुष का आकार) “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लहू – रक्त, साधु के आहार सम्बन्धी 32 अंतराय में एक अंतराय अपने व दूसरे के लहू – रूधिर निकलता देखकर भोजन छोड देना। Lahu-Blood, an obstacle (bleeding) in the food taking of saints
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरातत्त्व – Puratattva. Archaeology. पुरातन, प्राचीन अवशेष “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] मनोद्रव्यवर्गणा – Manodravyavarganaa. A type of aggregate of Karmic molecules related to forming mental faculty. 23 वर्गणाओं में एक वर्गणा ;एक जाति के पुद्गल के सूक्षम स्कंध जिनसे द्रव्य मन बनता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञावती – Pragyaavatee. Mother’s name of Lord Mallinath. मल्लिनाथ भगवान की माता का नाम “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विपाक – Vipaka. Fruition of karmas. कर्मों का फल देना अथवा द्रव्य, क्षेत्र, काल, भव, भाव इन ५ निमित्तों के द्वारा कर्मों का अनेक प्रकार से पाक होना अथवा फल देना “