वेदक!
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदक –Vedaka. Sufferer of Karmic results or one who experiences results of Karmas कर्मफल का भोक्ता या अनुभव करने वाला “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वेदक –Vedaka. Sufferer of Karmic results or one who experiences results of Karmas कर्मफल का भोक्ता या अनुभव करने वाला “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पुरुष – Purusa. Male, Masculine gender. जो उत्कृष्ट गुणों में और उत्कृष्ट भोगों में प्रवृति करता है एवं अच्छे भोगों में प्रवृत्त रहता है. नामकर्म के उदय से पुरुष शरीर की संरचना और पुरुषवेद कर्म के उदय से तज्जन्य भाव वाला जीव पुरुष कहलाता है “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुनि लिंग–Muni Ling. A nude saint (having abandonded all worldly attachements). शास्त्र कथित जिनेन्द्र भगवान् जैसा मुनि रूप”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भुजगा – Bhujaga. Name of a female beloved deity of a peripatetic deity ‘Mahakay’. महाकाय नामक व्यंतर इंद्र की देवी का नाम “
त्रिकृति A mountain situated in Bharat kshetra (region), name of a city of Vidyadhars. कृतिकर्म प्रदक्षिणा, नमसकारादि क्रियाओं को तीन बार करना अथवा एक दिन में जिन देव , गुरू और ऋषियों की तीन बार वंदना करना। (त्रिः कृत्वा)। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव क्रिया – Vibhava Kriya . Contrary activity. जीव – पुद्ग्ल द्रव्य की स्वभाव से विपरीत क्रिया “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रज्ञाश्रमण ऋद्धि – Pragyaashramana Riddhi. A type of supematural power related to sagacity. जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधू विशेष अध्ययन के बिना भी समस्त शास्त्रों को सूक्ष्मतासे जानने में समर्थ होता है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नाना-जीव एक-अजीव – Nana-Jiva Eka-Ajiva Pertaining to different types of living beings and one non-living beings अनेक जीव और एक अजीव ”
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == सत्यवादी : == विश्वसनीयो मातेव, भवति पूज्यो गुरुरिव लोकस्य। स्वजन इव सत्यवादी, पुरुष: सर्वस्य भवति प्रिय:।। —समणसुत्त : ९५ सत्यवादी पुरुष माता की तरह विश्वसनीय, जनता के लिए गुरु की तरह पूज्य और स्वजन की भाँति सबको प्रिय होता है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] नागहस्ती – Nagahasti Name of great saint. आचार्य पुष्पदन्त एवं भूतबली के समकक्ष के एक मुनि ” व्यग्रहस्ती के शिष्य और जीत्दंड के गुरु (समय ई. 93-162) ”