उदयसेन!
उदयसेन Name of the disciple of ‘Acharya Gunsen-I’. गुणसेन प्रथम के शिष्य तथा नरेन्ट्रसेन के साधर्मी (ई.1098)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
उदयसेन Name of the disciple of ‘Acharya Gunsen-I’. गुणसेन प्रथम के शिष्य तथा नरेन्ट्रसेन के साधर्मी (ई.1098)। [[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वैसाख –Vaisakha A Hindi lunar month, The son of king Vishakh, ultimately who got salvation. १२ महीनों में से एक हिंदी महीने का नाम, राजा विशाख का पुत्र ” सात दिन की नव विवाहित पत्नी को छोड़कर मित्र मुनिद्त्त मुनि को आहार दान दे दीक्षा ले ली ” अंत में मोक्ष पधारे…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचलब्धि – Panchalabdhi. Five kinds of auspicious attainments. क्षयोपशम, विशुद्धि, देशना, प्रायोग्य और कारण यें पांच लाब्धियाँ है “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशेष स्वभाव – Vishesha Svabhava. A particular nature of matters (like conscious-ness & unconsciousness etc.). स्वभाव के दो भेदों में एक भेद; चेतन, अचेतन, मर्त, अमर्त आदि १० स्वभाव द्रव्यों के विशेष स्वभाव हैं “
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == वाणी-विवेक : == हिदमिदवयणं भासदि, संतोषकरं तु सव्वजीवाणं। —कार्तिकेयानुप्रेक्षा : ३३४ साधक दूसरों को संतोष देने वाला हितकारी और मित—संक्षिप्त वचन बोलता है। मा कडुयं भणह जणे महुरं, पडिमणह कडुयभणिया वि। जइ गेण्हिऊण इच्छह लोए सुहयत्तण—पडायं।। —कुवलयमाला : ८५ यदि संसार में अच्छेपन की ध्वजा लेकर चलना चाहते…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पंचपाप – Panchapaapa. Five kinds of sinful activities (violence, to lie, tealing, bad conduct, possessions). हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील, परिग्रह “
द्विदल Grains (pulse etc.) having two opposite faces alike are called non-edible when mixed with raw milk & curd (prepared from raw milk) etc. दो दल वाले धान्य आदि को कच्चे दूध या कच्चे दूध से निर्मित दही -छाछ के साथ मिलाने पर वह अभक्ष्य द्विदल कहलाता है। वर्तमान में कुछ लोग गर्म प्रासुक दूध…
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वस्तून ग्रह – Vastoona Graha.: One of the 88 planets. ज्योतिष के 88 ग्रहों में एक ग्रह “
उभयवाद Theory of two fold nature of reality or of the identity and difference . दोनों प्रकार का मत।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
द्विचरम देही Deities having two human births (last two life-courses) before getting salvation). जो देव अंतिम दो बार मनुष्य के भव लेकर निश्चित रूप से मोक्ष जाते हैं। वे द्विचरम देही कहलाते हैं।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]