द्वार!
द्वार Doors (of different types). दरवाजा , फाटक, प्रवेशद्वार, तोरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
द्वार Doors (of different types). दरवाजा , फाटक, प्रवेशद्वार, तोरण।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
गुणनिमित्तक ज्ञान Clairvoyance originated due to the subsidence & destruction of Karmas. गुणप्रत्यय अवधिज्ञान;जो अवधिज्ञान क्षयोपशाम , व्रत ,नियम आदि के कारण होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दातार दोष Fault of donator, jealousy, angerness, proud etc. ईष्र्या , कपट, खिन्न भाव, क्रोध, अभिमान आदि दातार के दोष हैं। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोजनदान:food donation. साधु आदि को भोजन का दान करना, निर्धन को अन्न आदि दान करना “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भोगरति:Involvement in all sensual pleasures constantly. नित्य भोग विलास का सेवन करना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विशाखदत्त – Vishakhadatta. The first Achary possessing knowledge of 11 Angas & 10 purvas (parts of shrutgyan-scriptural knowledge). ११ अंग १० पूर्व के ज्ञाता ११ मुनियों में प्रथम आचार्य ” अपरनाम विशाखाचार्य “
ग्रामदाह An obstacle in saint food on having burning incident in a village. जिस ग्राम में साधु आहार के लिए गए हैं यदि अग्नि आदि का प्रकोप हो जाए तो यह ग्रामदाह नाम का अन्तराय होता है ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
गरूडेंद्र A celestial deity (Indra). एक इन्द्र; वंशधर पर्वत पर पूर्वभव के पुत्र देशभूषण व कुलभूषण मुनियों का राम लक्ष्मण द्वारा युप्सर्ग निवारण किए जाने पर गरूडेंद्र ने उनको संकट के समय रक्षा का वर दिया ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]