सद्वेद्य!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सद्वेद्य – Sadvedya. Karmas causing pleasure. साता वेदनीय कर्म।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सद्वेद्य – Sadvedya. Karmas causing pleasure. साता वेदनीय कर्म।
दोष निर्घातन विनय Reverence causing eradication of passions. दोष को नाश करने वाली विनय।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुद्धात्मज्ञान – SShuddhaatmagyaana. Right knowledge of pure soul, A synonym word for Mokshmarg (path of salvation). शुद्ध आत्मा का ज्ञान होना, मोक्षमार्ग या निर्विकल्प समाधि का एक अपरनाम “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] मंगल (ज्योतिषलोक): Name of space vehicle, Name of the 83rd planet. मध्य लोक से 897 योजन ऊपर जाकर ज्योतिष लोक में स्थित एक विमान, ज्योतिष के 88 ग्रहों में 83वां ग्रह “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] ब्रह्मसेन – Brahmasena. Name of the preceptor of Acharya Veersen. आचर्य वीरसेन के गुरु तथा जयसेन जी के शिष्य (ई. १०१३ ) का नाम “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विग्रहगति – Vigrahagati.: Transmigratory motion of a soul. एक शरीर को छोड़कर नवीन शरीर ग्रहण करने को जीव जो गमन करता है वह विग्रहगति है “यह दो प्रकार की होती है (1) मोड़े रहित (2) मोड़े सहित अर्थात कुटिल “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विकिरंत- Vikiranta.: Dispersing the yellow rice grains while worshipping. पुष्पांजलि बिखेरना “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] विभाव पुद्ग्ल – Vibhava Pudgala. Assimilated particles of any pudgal (matter). पुद्ग्ल द्रव्य की दो भेदों में एक भेद; परमाणु ‘स्वभाव पुद्ग्ल’ और स्कंध ‘विभाव पुद्ग्ल’ हैं “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] विंशति – Vinshati.: Twenty. 20;कषाय व लेश्या की अपेक्षा आयुबंध के 20 स्थान, 20 प्ररुपणा, विदेह क्षेत्र में विद्यमान 20 तीर्थंकर आदि “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यशस्तिलकचंपू–Yashastilakchampu. Name of a composition composed by Acharya Somdev. आचार्य सोमदेव द्वारा ई.943–968 में रचित संस्कृत भाषाबद्ध चंपू काव्य जिसमे यशोधर महाराज का जीवन चित्रित किया गया है”