सत्य अणुव्रत!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्य अणुव्रत – Satya Anuvrata. Vow of right & true speech. हित मित प्रिय वचन, सब जीवों को संतोषकारक वचन या धर्म का प्रकाशन करने वाले वचन “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्य अणुव्रत – Satya Anuvrata. Vow of right & true speech. हित मित प्रिय वचन, सब जीवों को संतोषकारक वचन या धर्म का प्रकाशन करने वाले वचन “
आहारशुद्धि Conceiving of wrong knowledge according to wrong preaching. मन,वचन,काय,द्रव्य,क्षेत्र व काल से आहार का शुद्ध होना।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी :शब्दकोष]] यव–Yava. A measurement unit of area. जौ; क्षेत्र का प्रमाण विशेष” 8 सरप्तो=एक जौ”
दिगवलोकन An infraction of meditative relaxation (Kayotsarga) (to watch in all directions). कायोत्सर्ग का एक अचिार, आठों दिशाओं की तरफ देखना। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] बंध समुत्पत्तिक- जिन सत्कर्म स्थानों की उत्पत्ति बन्ध से होती है, उन्हें बन्ध समुत्पत्तिक कहते है। Bandha Samutpattika- meritorious places caused due to binding of karmas
[[श्रेणी : शब्दकोष]] पोत्तकर्म – Potta Karma. Idols or images made up of cloths. पोत्त का अर्थ वस्त्र, उससे निर्मित की गयी प्रतिमाओं का नाम पोत्तकर्म है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षोडशकारण भावना – Sodashakaarana Bhaavanaa. Sixteen spiritual reflections (sentiments causing to be Tirthankar(Jaina-Lord)). तीर्थंकर प्रकृति की कारणभूत दर्शनविशुद्धि आदि 16 भावनाएं ” दर्शन विशुद्धि, विनय संपन्नता, शीलव्रतों में अनतिचार (शीलव्रतेष्वनतिचार), अभीक्ष्णज्ञानोपयोग, संवेग, शक्तिस्ततप, शक्तितस्त्याग, साधु समाधि, वैयावृत्यकरण, अर्हंत भक्ति, आचार्यभक्ति, बहुश्रुत भक्ति, प्रवचन भक्ति, आवश्यक अपरिहाणि, मार्ग प्रभावना एवं प्रवचन वत्सलत्व “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रियदर्शा- महोराग जाती के व्यन्तारो का 10 वा भेद A type of peripatetic deities
[[श्रेणी:शब्दकोष]] संशय मिथ्यादृष्टि – Sanshaya Mithyaadrsti. One with unstable or wrong religious belief. संशय मिथ्यात्व से सहित व्यक्ति “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] षड्दर्शन – Saddarshana. Six particular kinds of philosophies (Bauddha, Naiyayik, Sankhya, Jaina, Vaisheshik & Jaminiy). 6 दर्शन – बौद्ध, नैययिक, सांख्य, जैन, वैशेषिक तथा जैमिनीय “