सर्वर्तुक वन!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वर्तुक वन – Sarvartuka Vana. Name of the initiation & omniscience forest of Lord Chandraprabhu. चन्द्रप्रभु भगवान का दीक्षा वन एवं केवलज्ञान वन ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वर्तुक वन – Sarvartuka Vana. Name of the initiation & omniscience forest of Lord Chandraprabhu. चन्द्रप्रभु भगवान का दीक्षा वन एवं केवलज्ञान वन ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सकल परमात्मा – Sakala Parmaatmaa. The supreme soul with body (devoid of all Karmas). घातिया कर्मों से रहित परमौदारिक शरीर में स्थित अर्हन्त परमात्मा
छत्रपुर Name of a place of the past birth of Lord Mahavira. भगवान महावीर के पूर्व भव की नगरी का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्वथा – Sarvathaa. In every way, in every respect, entirely. पूर्णतः, हर तरह से ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सत्पात्र – Satpaatra. Reverential persons (perfect to get donation). जिनको दान दिया जाता है, ऐसे सत्पात्र, कुपात्र, अपात्र रूप तीन पात्रों में से एक ” सत्पात्र के तीन भेद हैं- 1. उत्तम सत्पात्र- नग्न दिगम्बर साधु, 2. मध्यम सत्पात्र- आर्यिका, क्षुल्लक, ऐलक तथा प्रतिमाधारी श्रावक, 3. जघन्य सत्पात्र- व्रत रहित सम्यग्दृष्टि श्रावक “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] वृद्धि – Vrddhi. Growth, Increase, Development विकास, बढ़ोत्तरी, पूर्व स्वभाव को कायम रखते हुए भावान्तररूप से अधिकता हो जाना व्रद्धि है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सर्पगत – Sarvagata.. Omnipresent, all-pervading. सर्वव्याप्त-सभी जगह फैला हुआ। केवलज्ञान के सर्व लोकालोक को जानने के कारण जीव सर्वगत या सर्वव्यापी कहलाता है।
चतुष्टयी वृत्ति Four uses of money (acquisition, saving or protection, growth, expenses). अर्थ की ४ वृत्तियाँ -अर्जन ,रक्षण ,वर्धन ,व्यय ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सराग छद्मस्थ – Saraaga Chhadmastha. Souls at the 4th to 10th stage of spiritual development. छद्मस्थ के दो भेदो मे एक भेद। चौथे से दसवें गुणस्थान वाले जीव सराग छद्मस्थ कहलाते है।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] योगनिद्रा – संसारी जीव जिसमे जागता है उस दषा में यागी का रात मानकर साना अथवा अल्पकाल मे साधुओ का षरीरश्रम को दून करने के लिए निद्रा लेना। Yoganidra-A kind of meditatory sleep