आर्वतनता!
आर्वतनता Turning motion, Rotation, Limited modification. आर्वत करना, चारों ओर घूमना सीमित परिणाम या परिणाम या परिर्तन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
आर्वतनता Turning motion, Rotation, Limited modification. आर्वत करना, चारों ओर घूमना सीमित परिणाम या परिणाम या परिर्तन।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
उत्सर्गलिंग Form of unclothedness (of Digambar Jaina saints). जैन साधु का द्रव्य (दिगम्बर) लिंग।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमार्जित- पिच्छी आदि कोमल उपकरण से साफ की हुई भूमि आदि। Pramarjita- Carefully purified place, body etc
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक भंग- जहां अलग-अलग भाव हो वह प्रत्येक भंग है। pratyeka bhamga – each part, different feelings.
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रत्येक पद- जो भ्ज्ञाव एक जीव के एक काल में यगपत संभव हो ऐसे भाव प्रत्येक पद कहलाते है। pratyeka pada – feelings simultaneously existing of one in a praticular time period
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रमदा- प्रमाद की बहुलवा से स्त्रियों को प्रमदा कहते हैं, समवषरण की नाट्यषाला। Pramada- Lustful women, Name of a stage of drama in Samavasharan- assembly of Lord
[[श्रेणी:शब्दकोष]] रावण – 8 वा प्रतिनारायण राजा रत्नश्रवा व रानी कैकसी का पुत्र अपरनाम दषानन। यह लंका का राजा था इसकी 18 हजार रानियां थी। जैन धर्म के अनुसार सीता का हरण कर नारायण लक्ष्मण के हाथों मरकर तीसरे नरक गया। Ravana-The 8th Pratinarayan, The son of the king ratnasharva his other name was dashanan
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रभावना- सम्यग्दर्षन ज्ञान चारित्र रुप रत्नत्रय के प्रभाव से आत्मा को प्रकाषमान करना। ज्ञान,ध्यान, तप, दया, दान, जिन पूजा आदि के द्वारा जिनधर्म की महिमा को प्रकाषित करना। Prabhavana – Glorification, Promotion (influencing pertaining to religion)
त्रायस्त्रिंश Thirty three, A type of deities (33 in number). तैंतीस , 33, देवों के इन्द्र, सामानिक आदि दस भेदों में से एक भेद । इनकी संख्या 33 है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]