पद्मनाभचरित्र!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनाभचरित्र: A book written by Acharya Shubhchandra. आचार्य शुभचन्द्र (ई0 1516 -1556) कृत एक ग्रन्थ ।
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पद्मनाभचरित्र: A book written by Acharya Shubhchandra. आचार्य शुभचन्द्र (ई0 1516 -1556) कृत एक ग्रन्थ ।
[[श्रेणी :शब्दकोष ]] मिश्र औदरिक कयायोग–Mishra Oudarik Kayayoga. See –Oudarik Mishra Kayayoga. देखे–औदरिक मिश्रकयायोग”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] वरांग चरित्र – Varaanga Charitra.: Name of the books written by Acharya Jatasinhnandi & by Bhattarak Varddhaman. आचार्य जटासिंहनंदी कृत एक काव्य , वर्द्धमान भट्टारक कृत संस्कृत ग्रन्थ “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] पार्श्वनाथ काव्य पंजिका – Parsvanatha Kavya Pamjika. A book written by Acharya Shubhchandra. आचार्य शुभचन्द्र (ई. १५१६-१५५६) द्वारा रचित एक संस्कृत काव्य ग्रन्थ “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मेरुधन–Merudhan. Name of a chief disciple of Lord Adinath. भगवान्आदिनाथ के एक गणधर का नाम”
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भरतक्षेत्र – Bharataksetra. Name of a great region. जंबूद्वीप के ७ क्षेत्रों में प्रथम क्षेत्र, इसके ५ म्लेच्छ, १ आर्य ऐसे ६ खंण्ड हैं “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पदविभागी: A kind of Criticism, A kind of good conduct of saint. आलोचना का एक भेद, क्षेपक क्षरा आचाय्र्र के आगे क्रम से दोषो की आलोचना करना, साधुओं के क्षरा की जाने वाली समाचारी विधि का एक भेद, समस्त दिन एवं रात की परिपाटी में मुनियों क्षरा नियामें का निरन्तर आचरण करना ।
[[ श्रेणी:जैन_सूक्ति_भण्डार ]] [[ श्रेणी:शब्दकोष ]] == शरीर : == मांसास्थिकसंघाते, मूत्रपुरीषभूते नवच्छिद्रे। अशुचि परिस्रवति, शुभं शरीरे किमस्ति ? —समणसुत्त : ५२० मांस और हड्डी के मेल से निर्मित, मल—मूत्र से भरे, नौ छिद्रों के द्वारा अशुचि पदार्थ को बहाने वाले शरीर में क्या शुभ हो सकता है ?