तैतिल!
तैतिल A country situated in Bharat kshetra (region). भरत क्षेत्र में स्थित एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
तैतिल A country situated in Bharat kshetra (region). भरत क्षेत्र में स्थित एक देश। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
चित्तविकार Agitation of mind. भाव अर्थात् चित्त में विकार उत्पन्न होना ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
तेईस सिंह Twenty three lions-the 1st dream of Bharat Chakravarti (an emperor) out of 16 dreams. भरत चक्रवर्ती को आए 16 स्वपनों में प्रथम स्वपन । इसका फल है वीर के अतिरिक्त 23 तीर्थंकरों के समय दुष्ट नयों की उत्पत्ति का अभाव होगा । [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभ भावना – Shubha Bhaavnaa. Meritorious sentiments. धर्म ध्यान के योग्य परिणाम ” या 12 भावना या 10 धर्म आदि का चिंतन करना “
तुल्य बल विरोध Having opposition equally. विरोध का एक प्रकार, ज्ञान को मान लेने पर सब पदार्थें का शून्यपना नहीं बन पाता है और सबका शून्यपना मान लेने पर स्वसंवेदन की सत्ता नहीं ठहरती है यह तुल्य बल विरोध है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शुभकर्म – Shubha Karma. Auspicious or virtuous Karmas or activities. पुण्य लाने वाले कार्य, पुण्य फल देने वाले साता वेदनीय आदि कर्म “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भावलिंग (साधु) – Bhavalinga (Sadhu). An absolute saint with perfect conduct. साधु का जैसा बाहर चारित्र है वैसा ही भाव होना ” प्रमत्त- अप्रमत्त गुणस्थान सम्बन्धी भाव होना ही भावलिंग है “
चंडवेग Name of a ‘Vibhuti’ dominion of Bharat Chakravarti (emperor) भरत चक्रवर्ती की एक विभूति ‘दण्ड रत्न’ का नाम ।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] सुरमन्यु Suramanyu. One of the particular seven saints, ‘Saptrishi’ (Sapta Rsi) सप्त ऋषियो में एक । (देखे सप्तऋषि)
तिर्यक्प्रचय Three dimensional extension. प्रदेशों का समूह।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]