निश्चय प्राण!
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्राण – Nishchaya Praana. Absolute consciousness. शुद्ध ज्ञान व दर्शन निश्चय प्राण है “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय प्राण – Nishchaya Praana. Absolute consciousness. शुद्ध ज्ञान व दर्शन निश्चय प्राण है “
दूर घ्राणत्व ऋद्धि A supernatural power of super-distantial attainment of smelling . जिस ऋद्धि के प्रभाव से साधु को घ्राण – इन्द्रिय के उत्कृष्ट विषय क्षेत्र से भी संख्यात योजन दूर स्थित गंध जानने की सामथ्र्य प्राप्त होती है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
उपात्त Assimilated, Acquired matters (dravyas) . आत्मा के रागादि परिणामों से कर्म और नोकर्मरूप में जिन पुद्गल द्रव्यों को ग्रहण किया जाता है वे उपात्त कहलाते हैं।[[श्रेणी:शब्दकोष]]
दुषमा सुषमा काल Period of about one Korakori Sagar (a long period of crores of years) is called Dushama Sushama Kala i.e. period with misery and pleasure. अवसर्पिणी काल का चैथा और उत्सर्पिणी काल का तीसरा भेद। यह 42 हजार वर्ष कम एक कोडाकोडी सागर का होता है। [[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] लौकिक सुख –Laukika Sukh: Worldly enjoyments or pleasures . सांसारिक विषय भोगों से प्राप्त होने वाला क्षणिक सुख “
दीक्षा काल Time period of Diksha (initiation or consecration). दीक्षा ग्रहण वाले आचार्य।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] निश्चय आराधना – Nishchaya – Aaraadhanaa. Absolute spiritual prayer or meditation, Synonym word For Mokshamarga, the path of salvation. निश्चय मोक्षमार्ग का एक अपरनाम ” मुनि अवस्था में सम्यग्दर्शन, ज्ञान, चारित्र व तप एन चारों की आराधना व्यवहार आराधना है, इस व्यवहार आराधना के द्वारा आत्मा में एकाग्र परिणतिरूप ध्यान निश्चय आराधना है “
दिग्गजेंद्र Mountains in Bhadrashal forest in either side of Sumeru mountain in Videh Kshetra (region). विदेह क्षेत्र में सुमेरू पर्वत के दोनों ओर भद्रशाल वन में सीता व सीतोदा नदी के तट पर स्थित दो-दो पर्वत।[[श्रेणी: शब्दकोष ]]
[[श्रेणी:शब्दकोष]] शवशय्यासन तप – Shavasayyaasana Tapa. A kind of austerity, to lie like a corspe. कायाक्लेश तप का एक भेद; शव की तरह निश्चेष्ट सोना “