भेदोपचार!
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेदोपचार:Statement of something on the basis of its nature. उपचार का भेद; गुण, गुणी में भेदकर के कहना भेदोपचार है ” इसे सद्भूत व्यवहार भी कहते हैं क्योंकि गुण, गुणी का तादात्म्य सम्बंध पारमार्थिकहै “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] भेदोपचार:Statement of something on the basis of its nature. उपचार का भेद; गुण, गुणी में भेदकर के कहना भेदोपचार है ” इसे सद्भूत व्यवहार भी कहते हैं क्योंकि गुण, गुणी का तादात्म्य सम्बंध पारमार्थिकहै “
[[श्रेणी : शब्दकोष]] भीमसेन – Bhimasena. Name of an Acharya, one of the 5 Pandvas. आचार्य अभयसेन के शिष्य जिनसेन के गुरु एक आचार्य, ५ पांडवों में एक पांडव ” इन्हें भीम कहते हैं, इनके शरीर में बहुत बल था “
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिपाद्य – Pratipaadya. Expounded, Established. प्रतिपादित, प्रस्तुत, प्रदर्शित “
[[श्रेणी :शब्दकोष]] मुखनिर्विष ऋद्धि–Mukhanirvisha Riddhi. A type of super natural power of making poisionless. जिस ऋद्धि के प्रभाव से उग्र विष से मिला हुआ आहार भी जिनके मुख में जाकर निर्विष हो जाता है अथवा जिनके मुख से निकले हुए वचन के सुनने मात्र से महाविष व्याप्त भी कोई व्यक्ति निर्विष हो जाता है”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतिचंद्र – Pratichandra. A king of Vanara dynasty. वानरवंस का एक राजा ” अंत में दीक्षा लेकर मोक्ष गये “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पभोसा (तीर्थ):Name of a pace of pilgrimage which is the institution & Omniscience place of the 6th Tirthankar (Jaina Lorde) Padmaprabh situated near Kaushambi (U.P) उत्तर प्रदेश में कौशम्बी के निकट बसा एक तीर्थ । छठे तीर्थकर भगवान पदमप्रभ की दीक्षा एवं केवलज्ञान कल्याणक भूमि । पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा…
[[श्रेणी :शब्दकोष]] म्लेच्छ खण्ड–Mlechha Khand. Particular parts of earth according to Jain Philosophy where Mlechha people live. म्लेच्छ मनुष्योंकी आवास भूमि”
[[श्रेणी:शब्दकोष]] प्रतराकाश – Prataraakaasha. Extensive area of space (Akash). सर्व आकाश के लम्बे चौड़े प्रदेशों के माप मात्र आकाश, जो 7×7=49 राजू है “
[[श्रेणी: शब्दकोष]] पद्मावती कल्प:A book written by Mallishen Bhattarak. मल्लिषेण भटटारक (ई0 श0 11) कृत तान्त्रिक ग्रंथ ।